पत्रकारों के कड़े सवाल के बीच जब सिगरेट के कश लगा रहे थे विजय माल्या, बोले थे- इंग्लैड लौटना ‘भागकर’ आना नहीं है

यूके में विजय माल्या की भारत को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज की जा चुकी है।

vijay mallya, londonभारत ब्रिटेन से विजय माल्या को सौंपने की मांग कर रहा है। (Indian Express)।

साल 2017 में कई पत्रकारों ने लंदन में भगोड़े विजय माल्या को घेर लिया था और उनसे कई कड़े सवाल किए थे। हालांकि बेखौफ विजय माल्या सिगरेट के कस लगाते हुए बातचीत कर रहे थे। माल्या ने बताया था कि वे इंग्लैंड में साल 1992 से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड लौटकर आना भागना नहीं है। जब पत्रकार ने पूछा कि भारत में आपके लिए जेल तैयार है तो विजय माल्या ने कहा था कि ये अदालत तय करेगी कि मैं जेल जाऊंगा या नहीं।

वहीं, आज तक के सीधी बात कार्यक्रम में एंकर प्रभु चावला ने विजय माल्या से पूछा था कि राजनीतिक रूप से आप किस पार्टी के नजदीक हैं? विजय माल्या ने जवाब देते हुए कहा था कि मैं बिल्कुल सेक्युलर हूं। जब से मैंने कारोबार करना शुरू किया तब से देश के अलग-अलग हिस्सों में रहा हूं। मेरी शिक्षा जिस तरह से हुई है ऐसे में सांप्रदायिक सोच मेरे ख्याल में आती ही नहीं है। माल्या ने इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें बीजेपी सांप्रदायिक लगती है।

माल्या ने अपनी सफाई में कहा था ,”मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।” इस बीच, उन्हें ब्रिटेन छोड़ने की इजाजत नहीं है। 2017 में माल्या को लंदन में मनी-लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में वह जमानत पर रिहा कर दिया गया था। ब्रिटेन से उन्हें भारत को सौंपने की अपील की गई थी। प्रत्यर्पण पर अंतिम सुनवाई वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में होनी है।

बता दें कि यूके में विजय माल्या की भारत को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज की जा चुकी है। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस को बिना लाइसेंस के लोन से जुड़े धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर भारत को प्रत्यर्पण के खिलाफ लंदन सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। हालांकि, अक्टूबर 2020 में भारत सरकार को सूचित किया गया कि माल्या को एक “गोपनीय कानूनी मामले” के कारण प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता है।

मालूम हो कि 2017 में प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तारी के बाद से माल्या जमानत पर हैं। माल्या ब्रिटेन में प्रत्यर्पण का मुकदमा लड़ रहा है। 2018 में विजय माल्या को यूनाइटेड किंगडम की एक अदालत ने भारतीय बैंकों को भुगतान करने का आदेश दिया था।

अदालत ने फैसला सुनाया था कि धोखाधड़ी की जांच का सामना करने के लिए माल्या को भारत को प्रत्यर्पित किया जा सकता है। 2019 में, माल्या को उनके प्रत्यर्पण के खिलाफ कोर्ट में अपील करने की अनुमति दी गई थी। पिछले साल विजय माल्या द्वारा भारत को उसके प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

इससे पहले साल 2017 में माल्या को यूके पुलिस द्वारा भारत में धोखाधड़ी करने के आरोपों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में माल्या को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इसी साल भारत के सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को अदालत की अवमानना ​​का दोषी पाया और उन्हें पेश होने के लिए बुलाया था। जब वह पेश होने में असफल रहे, तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अवमानना ​​का मामला अदालत में पेश होने के बाद ही आगे बढ़ेगा।

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