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विजय माल्‍या के भागने से 4 दिन पहले SBI को वकील ने दी थी सलाह, उसे रोकने के लिए कोर्ट में डालें अर्जी

इंडियन एक्सप्रेस ने जब वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे के दावे के संबंध में तत्कालीन एसबीआई चेयरपर्सन अरुंधति रॉय से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मिस्टर दवे वो कह रहे हैं, जो उन्हें कहना चाहिए, लेकिन मैं अब एसबीआई के साथ नहीं हूं।

Author September 14, 2018 3:42 PM
विजय माल्या के फरार होने से पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील ने किया था एसबीआई बैंक को आगाह।

 Sandeep Singh , Sunny Verma

विजय माल्या के देश छोड़कर फरार होने के मामले में सरकार और जांच एजेंसियों के बाद अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की लापरवाही भी सामने आयी है। दरअसल 2 मार्च, 2016 को जब विजय माल्या देश छोड़कर फरार हुआ था, उससे 4 दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील ने बैंक को कहा था कि माल्या भारत छोड़कर फरार हो सकता है, इसलिए आप उसे रोकने के लिए कोर्ट में गुहार लगाएं, लेकिन हैरानी की बात है कि एसबीआई बैंक ने इस मामले पर कोई कारवाई नहीं की, जिसका नतीजा ये हुआ कि विजय माल्या आराम से देश के बैंकों को कई हजार करोड़ रुपए का चूना लगाकर फरार हो गया। माल्या के फरार होने से पहले एसबीआई बैंक को आगाह करने वाले वकील दुष्यंत दवे हैं। अब इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत दवे ने इस बात का खुलासा किया है।

दुष्यंत दवे ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि “28 फरवरी, 2016 रविवार को एक बैठक के दौरान उन्होंने एसबीआई को आगाह किया था कि वह 29 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपील कर माल्या के देश छोड़ने पर रोक लगवा लें….एसबीआई चेयरपर्सन, बैंक मैनेजमेंट के टॉप लेवल के अधिकारियों और सरकार के अहम लोगों को इस बैठक की जानकारी थी और उस सलाह की भी, जो मैने उन्हें दी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कारवाई नहीं की गई।” जैसा कि सभी जानते हैं 2 मार्च, 2016 को माल्या देश छोड़कर फरार हो गया। इंडियन एक्सप्रेस ने जब वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे के दावे के संबंध में तत्कालीन एसबीआई चेयरपर्सन अरुंधति रॉय से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मिस्टर दवे वो कह रहे हैं, जो उन्हें कहना चाहिए, लेकिन मैं अब एसबीआई के साथ नहीं हूं और आपको मौजूदा एसबीआई मैनेजमेंट से इस बारे में सवाल करना चाहिए।

दुष्यंत दवे ने यह भी बताया कि उस बैठक के दौरान एसबीआई के लीगल एडवाइजर और मैनेजमेंट के टॉप अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में इस बात पर सहमति भी बन गई थी कि वह अगले दिन सुप्रीम कोर्ट जाकर माल्या के देश छोड़ने पर रोक के संबंध में याचिका दाखिल करेंगे। दुष्यंत दवे के अनुसार, अगले दिन 10 बजे सुबह सभी को मिलना था, लेकिन एसबीआई अधिकारी पहुंचे ही नहीं! इंडियन एक्सप्रेस ने स्टेट बैंक के प्रवक्ता से जब इस बारे में सवाल किया तो उनका कहना है कि स्टेट बैंक इस बात से इंकार करता है कि उसकी तरफ से लोन डिफॉल्ट केस, जिसमें किंगफिशर का मामला भी शामिल है, को डील करने में किसी तरह की लापरवाही बरती गई। बैंक ने डिफॉल्टरों से रकम की वसूली के लिए सभी जरुरी कदम उठाए थे। बता दें कि स्टेट बैंक समेत कुल 17 बैंकों ने 9000 करोड़ रुपए के लोन डिफॉल्ट मामले में माल्या के फरार होने के बाद 5 मार्च, 2016 को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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