तमिलनाडु में सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम बहुमत के 118 के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई। इन 10 सीटों के चलते तमिलनाडु की राजनीति में पिछले तीन दिनों से बड़ी हलचल जारी है। विजय की पार्टी ने राज्य की 234 विधानसभा सीटों में से 108 पर जीत हासिल की। अब कुछ बहुमत से थोड़ा पीछे रहने के चलते विजय के शपथ ग्रहण को लेकर सस्पेंस है। लेकिन गुरुवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजिंदर ने यह साफ कर दिया कि वह चाहते हैं कि राज्य में स्थाई सरकार हो और विजय बहुमत साबित करने पर ही सीएम पद की शपथ ले पाएंगे।
कुछ ऐसी भी सीटे हैं जहां टीवीके रनर अप रही और जीत का फासला बेहद कम था। तमिलनाडु की कुछ सीटों पर जीत का फासला 1000 वोटों से भी कम रहा। चलिए जानते हैं उन सीटों के बारे में जहां टीवीके अगर जीत जाती तो राज्य में अब तक विजय की टीवीके सरकार का गठन हो चुका होता।
करीब एक दर्जन विधानसभा सीट ऐसी थीं तहां टीवीके बहुत कम अंतर से हारी और अगर कुछ वोट पार्टी को मिल जाते तो वहां विजय की पार्टी आसानी से जीत हासिल कर लेती। एक सीट पर टीवीके सिर्फ 300 वोटों से हारी जबकि कुछ सीटों पर मार्जिन 1000 रुपये से कम था। वहीं टीवीके के 12 उम्मीदवारों को 2000 वोटों के फर्क से हार का सामना करना पड़ा। सात विधानसभा क्षेत्रों में टीवीके ने 60 हजार से 90 हजार वोटों के बड़े अंतर से शानदार जीत दर्ज की जबकि पार्टी के 27 अन्य उम्मीदवारों ने 25 हजार से 60 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इससे एक तरफ पार्टी के मजबूत जनाधार का पता चलता है वहीं दूसरी ओर यह भी दिखता है कि कुछ सीटों पर मामूली अंतर के कारण उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका।
तिरुकोइल्लूर
पूरे चुनाव की सबसे करीबी हार तिरुकोयिलूर सीट पर देखने को मिली जहां टीवीके के विजय आर. बरनीबालाजी को एआईएडीएमके के एस. पलानीस्वामी ने मात्र 285 वोटों से हरा दिया।
पलानी
पलानी में टीवीके के डॉ. एम. प्रवीण कुमार ने कड़ी टक्कर दी लेकिन आखिर में AIADMK उम्मीदवार के. रविमनोहरन से सिर्फ 693 वोटों से हार गए। इससे साफ हुआ कि टीवीके पारंपरिक गढ़ों में भी मजबूत चुनौती पेश करने में सफल रही।
उदगमंडलम
नीलगिरि क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जहां टीवीके के आर. इब्राहिम महज 976 वोटों से बीजेपी के एम. भोजराजन से हार गए। यहां हर पोस्टल बैलेट ने नतीजे की दिशा बदलने में भूमिका निभाई।
पापनासम
पापनासम में टीवीके उम्मीदवार अजारुद्दीन उदुमान अली ने आईयूएमएल के एएम शाहजहां को कड़ी चुनौती दी लेकिन अंत में वह सिर्फ 1,065 वोटों से पीछे रह गए। इस सीट को पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए आसान माना जा रहा था।
डिंडीगुल
डिंडीगुल में टीवीके के नजीर राजा जी. ने डीएमके के दिग्गज नेता सेंथिलकुमार आई.पी. को कड़ी टक्कर दी। हालांकि अंतिम दौर की गिनती में डीएमके उम्मीदवार को बढ़त मिली और टीवीके उम्मीदवार 1,131 वोटों से हार गए।
किल्लियूर
तटीय क्षेत्र किल्लियूर में टीवीके के एस. साबिन ने मजबूत स्थानीय समर्थन दिखाया और कांग्रेस नेता एस. राजेश कुमार को कड़ी चुनौती देते हुए केवल 1,311 वोटों से पीछे रहे।
थिरुमयम
थिरुमयम में टीवीके ने बड़ा उलटफेर करने की लगभग स्थिति बना ली थी। यहां सी. चिंतामणि, डीएमके के अनुभवी नेता जी. रेगुपति से केवल 1,492 वोटों से हार गए। यह साल के सबसे कांटे के ग्रामीण मुकाबलों में से एक रहा।
पुडुकोट्टई
पुडुकोट्टई में पूरे दिन मुकाबला बेहद करीबी बना रहा। कई दौर की जांच और गिनती के बाद डीएमके के वी. मुथुराजा ने टीवीके के के.एम. शरीफ को मात्र 1,867 वोटों से हराया।
येरकौड
येरकौड की पहाड़ी सीट पर टीवीके की पहुंच लगभग सफल हो गई थी। यहां जे. लक्ष्मी जनार्दनन एआईएडीएमके की पी. उषारानी से केवल 2,189 वोटों से हार गए। इससे आदिवासी क्षेत्रों में भी पार्टी की अप्रत्याशित पकड़ सामने आई।
तिरुत्तानी
तिरुत्तानी में टीवीके उम्मीदवार एम. सत्य कुमार ने एआईएडीएमके के जी. हरि को कड़ी चुनौती दी, लेकिन अंततः 5,793 वोटों से पीछे रह गए। यह उन 10 अहम सीटों में शामिल रही, जहां थोड़ा सा वोट स्विंग राज्य की सत्ता का समीकरण बदल सकता था।
तमिलनाडु की 10 विधानसभा सीटें जहां टीवीके बहुत कम वोटों से हारी
| विधानसभा सीट का नाम | टीवीके उम्मीदवार (हारे) | विपक्षी उम्मीदवार (जीते) | जीत का अंतर |
| तिरुकोईलूर | विजय आर. बरनीबालाजी | एस. पलानीस्वामी (AIADMK) | 285 |
| पलानी | डॉ. एम. प्रवीण कुमार | के के. रविमनोहरन (AIADMK) | 693 |
| उदगमंडलम | के आर. इब्राहिम | एम. भोजराजन (BJP) | 976 |
| पापनासम | अजारुद्दीन उदुमान अली | एएम शाहजहां (AIUML) | 1065 |
| डिंडीगुल | नजीर राजा जी. | सेंथिलकुमार आई.पी. (DMK) | 1131 |
| किल्लियूर | एस. साबिन | एस. राजेश कुमार (कांग्रेस) | 1311 |
| थिरुमयम | सी. चिंतामणि | जी. रेगुपति (DMK) | 1492 |
| पुडुकोट्टई | के.एम. शरीफ | के वी. मुथुराजा (DMK) | 1867 |
| येरकौड | जे. लक्ष्मी जनार्दनन | पी. उषारानी (AIADMK) | 2189 |
| तिरुत्तानी | एम. सत्य कुमार | जी. हरि (AIADMK) | 5793 |
तमिलनाडु की इन सीटों पर जीत-हार का फर्क बहुत कम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कुछ और भी ऐसी सीटें रहीं जहां जीत का मार्जिन काफी कम रहा और महज़ कुछ वोटों के फर्क से जीत-हार का फैसला हुआ। शिवगंगा जिले में तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर यह सिद्ध हो गया कि हर एक वोट कीमती होता है। यहां फाइनल राउंड में कुछ ऐसा हुआ कि चुनाव अधिकारी भी दंग रह गए। टीवीके के श्रीनिवास सेतुपति को 83,365 वोट मिले जबकि डीएमके के वरिष्ठ नेता और मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले। टीवीके उम्मीदवार सेतुपति 1 वोट से जीत गए।
दूसरा सबसे करीबी मुकाबला वेप्पनहल्ली विधानसभा सीट पर हुआ जहां डीएमके के पीएस श्रीनिवासन ने AIADMK के केपी मुनुसामी को मात्र 138 वोटों के अंतर से हराया।
पोलूर विधानसभा सीट पर आर. अभिषेक ने डीएमके उम्मीदवार पी. सर्वनन को 227 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। वहीं टीवीके के अरुल विग्नेश ने कल्लाकुरिची सीट पर AIADMK के एस. राजीव गांधी को 798 वोटों से हराया।
टीवीके के विनोथ ने डीएमके के जी. अन्बलगन को 679 वोटों से हराया जिससे 1996 से कायम डीएमके का मजबूत गढ़ टूट गया। वहीं कुंबम में मौजूदा डीएमके विधायक को टीवीके के पीएलए जेगनाथ मिश्रा ने 751 वोटों के अंतर से शिकस्त दी।
परमाथी-वेलूर में भी मुकाबला बेहद कांटे का रहा जहां AIADMK के एस. सेकर ने डीएमके के केएस मूर्ति को मात्र 308 वोटों से हराया। इसी तरह कुलिथलाई में डीएमके के सूरियनूर ए. चंद्रन ने टीवीके के जी. बालासुब्रमणि को 579 वोटों के अंतर से मात दी।
कांग्रेस ने डीएमके से तोड़ा गठबंधन
कांग्रेस ने DMK से पुराना गठबंधन तोड़कर अपने पांच विधायकों का समर्थन टीवीके को देने का फैसला किया है। टीवीके ने विधानसभा चुनाव में अकेले 108 सीटें जीतीं। लेकिन विजय को अपनी दो जीती हुई सीटों में से एक छोड़नी होगी जिससे पार्टी का संख्याबल 107 ही रह जाएगा। 233 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 117 है। DMK के पास 59 और AIADMK के पास 47 सीटें हैं। दोनों को मिलाकर संख्या 106 होती है।
