Who is S Keerthana: तमिलनाडु के लिए 10 मई, 2026 की तारीफ हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गई। एक ऐसा दिन जिसने राज्य की राजनीतिक व्यवस्था ही बदल दी। हालांकि, औपचारिक रूप से इसका बदलाव लगभग 4 मई की देर शाम ही हो गया था, लेकिन 10 मई को इसकी असली पटकथा लिखी गई। क्योंकि राज्य की सबसे ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने वाली टीवीके के मुखिया जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। विजय के साथ 9 मंत्रियों ने भी शपथ ली।
विजय के साथ जिन 9 मंत्रियों ने शपथ ली, उसमें सबसे ज्यादा चर्चा महिला मंत्री सेल्वी एस.कीर्तना की हो रही है। 29 साल की सेल्वी एस. कीर्तना विजय मंत्रिमंडल में सबसे युवा हैं।
कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने के बाद सेल्वी एस.कीर्तना ने कहा कि अब सब कुछ बदलने वाला है, बल्कि बदलाव आ चुका है। सी जोसेफ विजय मुख्यमंत्री बन चुके हैं। मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से से हूं और मुझे कैबिनेट मंत्री बनने का मौका मिला। मुझे नहीं लगता है कि दूसरे राज्यों में इतनी आसानी से ऐसा हो पाता।
सेल्वी एस.कीर्तना ने कहा कि विजय लोगों की क्षमता और प्रतिभा को देखते हैं और हम सभी बदलाव लाने के लिए यहां हैं। यह सरकार 35 से 50 साल तक चलेगी। हम सबसे लंबे समय तक रहने वाली सरकार बनने जा रहे हैं।
विजय के कैबिनेट में कीर्तना के अलावा मंत्री बनने वालों में ‘बुसी’ एन आनंद, आधव अर्जुना, केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, सीटीआर निर्मलकुमार, ए राजमोहन और टी. के. प्रभु हैं।
विजय की कैबिनेट की एक मात्र महिला मंत्री सेल्वी एस. कीर्तना ने टीवीके के टिकट पर सिवाकासी से चुनाव लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार अशोकन जी को हराया था। कीर्तना को 68,709 वोट मिले, जबकि 57,039 वोट मिले। इस लिहाज से कीर्तना ने अशोकन जी को 11,670 वोटों से हराया। जबकि AIADMK उम्मीदवार और पूर्व मंत्री राजेंद्र बालाजी 51 हजार 78 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
चुनाव जीतने के बाद एक इंटरव्यू के दौरान कीर्तना के हिंदी बोलने को लेकर विवाद हुआ था। इसके जवाब में कीर्तना ने न्यूज एजेंसी से हिन्दी में कहा था कि मैं हिन्दी में बात कर रही हूं। मैं चाहती हूं कि मेरी पार्टी का प्रतिनिधित्व पूरे भारत में और दूसरे देशों तक पहुंचे। इसलिए मैं हिन्दी में बोल रही हूं। हर किसी को मेरे नेता के बारे में पता होना चाहिए।
सेल्वी एस. कीर्तना ने कहा कि हर किसी को मेरी पार्टी के बारे में जानकारी होनी चाहिए। राजनीति ऐसी चीज नहीं है, जिससे डरना चाहिए। हर किसी को राजनीति में आना चाहिए। मैं सिर्फ एक उदाहरण हूं। मैं चाहती हूं कि सभी लोग आगे आएं और राजनीति से जुड़ें।
NDTV को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो पॉलिटिकल स्ट्रेटेजिस्ट रही हैं और वो राजनीति में बहुत पहले से आना चाहती थीं क्योंकि वो समझना चाहती हैं कि सिस्टम कैसे काम करता है, ब्यूरोक्रेसी कैसे काम करती हैं। उन्होंने कहा कि वो एक छोटे से जिले वृदनगर से आती हैं, सिवाकासी इसी जिले में आता है।
कीर्तना ने बताया था कि मैंने तमिल मीडियम वाले सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। आज जहां भी हूं मैं अपनी मेहनत से हूं। वह तमिल, तेलुगू, अंग्रेजी, हिंदी अच्छे से जानती हैं। हिंदी बोलने के पीछे कीर्तना ने कहा था कि भाषा ज्ञान ने मुझे इतनी सारे अवसर दिए, कई राज्यों में काम करने का मौका मिला। इसी तरह से मैंने भाषाएं सीखीं। मुझे भाषाएं सीखना पसंद है, लेकिन जब मीडिया के लोग आने लगे तो मुझे लगा कि टीवीके को राज्य के अन्य हिस्सों और अन्य राज्यों में भी फैलाना का अवसर है।
वहीं, एक इंटरव्यू के दौरान कीर्तना ने बताया था वह DMK और AIADMK के पॉलिटिकल कंसल्टेंट के रूप में भी काम किया है। कीर्तना ने चंद्रबाबू नायडू के चुनावी कैंपेन में भी कंसल्टेंट की भूमिका निभाई है।
‘सामाजिक न्याय की शुरुआत…’, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जोसेफ विजय का पहला संबोधन
रविवार सुबह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सी. जोसेफ विजय ने तीन फाइलों पर हस्ताक्षर किए। जिनमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली , हेल्पलाइन के साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल और एक राज्यव्यापी नशा-विरोधी तंत्र। पढ़ें पूरी खबर।
