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दंगा आरोपियों के घरवालों से मिल रो पड़े गिरिराज सिंह, देखें VIDEO

मार्च में इस साल दो पक्षों के बीच प्रतिमा को लेकर विवाद हुआ था। दंगा भड़काने के आरोप में तब बजरंग दल के जिला संयोजक जीतेंद्र प्रताप जीतू को जेल भेजा गया था। केंद्रीय मंत्री ने उसी को लेकर कहा है कि शांति बहाल करने में सहायता करने वालों को फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।

दंगा आरोपियों के घरवालों से मिलते केंद्रीय मंत्री। (फोटोः ANI)

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रविवार (आठ जुलाई) को बिहार के नवादा में दंगा आरोपियों के घर पहुंचे। आरोपियों के घर वालों से मिलकर वह उस दौरान भावुक हो उठे और रोने लगे। पीड़ित पक्ष के वहां वह लगभग आधे घंटे तक रुके, जहां उन्होंने दंगा आरोपियों के घर वालों का दर्द जाना-समझा। आरोपियों में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता शामिल हैं। बता दें कि गिरिराज से पहले केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने शख्स की बेरहमी से पिटाई करने वाले आरोपियों माला पहना कर सम्मानित किया था।

मार्च में इस साल दो पक्षों के बीच प्रतिमा को लेकर विवाद हुआ था। दंगा भड़काने के आरोप में तब बजरंग दल के जिला संयोजक जीतेंद्र प्रताप जीतू को जेल भेजा गया था। केंद्रीय मंत्री ने उसी को लेकर कहा है कि शांति बहाल करने में सहायता करने वालों को फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने इसके अलावा बिहार सरकार पर भी हमला बोला।

हिंदू संगठन के नेताओं की गिरफ्तारी को उन्होंने बिहार सरकार पर कहा “शांति व्यवस्था बहाल करने में मदद करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। आप उन्हें कैसे दंगा भड़काने वाले कह सकते हैं? प्रशासन को देखना चाहिए कि क्या उन्होंने वाकई में हिंसा फैलाई थी।”

केंद्रीय मंत्री सुबह विहिप नेता कैलाश विश्वकर्मा के घर भी पहुंचे, जहां गिरीराज ने उनके परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की। मंत्री के अलावा उनके साथ उस दौरान मौजूद कुछ और नेता भी रो पड़े थे। यह पूछे जाने पर कि सरकार में होने पर भी वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं, गिरिराज बोले- सरकार में होना ही उनकी विवशता है।

उन्होंने बताया, “जिन लोगों ने पोस्टर फाड़े, उन्हें छोड़ दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई ने लोगों को उकसाने का काम किया है। प्रशासन सोचता है कि बहुसंख्यकों को दबाने से सामाजिक सद्भाव कायम होगा, जबकि यह सोच सरासर गलत है।”

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