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Video: सैटेलाइट में लगे कैमरों की नजर से देखिए इसरो ने कैसे हासिल की 100वीं कामयाबी

इसरो ने इस सफल लॉन्चिंग का वीडियो जारी किया। यह वीडियो सैटेलाइट में लगे कैमरों से बनाया गया है।
श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 9.29 मिनट पर ये सैटलाइट छोड़े गए।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार (12 जनवरी) को 100वां सैटेलाइट लॉन्च कर बड़ी उपलब्धि हासिल की। शनिवार को इसरो ने इस सफल लॉन्चिंग का वीडियो जारी किया। यह वीडियो सैटेलाइट में लगे कैमरों से बनाया गया है। वीडियो में दिखाए गए दृश्य बड़े ही रोमांचक लगते हैं। वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक के बाद एक सभी सैटेलाइट अपनी जगहों पर तैनात होते जा रहे हैं। इसरो ने पीएसएलवी सी-40 के जरिये सबसे भारी कार्टोसैट 2 सीरीज के सैटेलाइट के अलावा 30 अन्य सैटलाइट अंतरिक्ष में भेजे। भारत के लिए यह बड़ी कामयाबी इसलिए भी क्यों कि अंतरिक्ष में भेजे गए 31 सैटेलाइटों में से 3 भारत के हैं और 28 सैटेलाइट 6 देशों कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका के हैं। ये सैटेलाइट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 9.29 बजे छोड़े गए थे। इसरो के चीफ एएस किरण ने इसे सैटेलाइटों की सफल लॉन्चिंग को देश के लिए नए वर्ष का उपहार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार इस अभियान में कुछ समस्याएं आई थीं, लेकिन इस बार लॉन्चिंग सफल हुई। यह इस साल की पहली अंतरिक्ष परियोजना है और इसरो के सबसे लंबे मिशनों में से एक है।

वीडियो सोर्स- इसरो

दरअसल चार महीने पहले इसी तरह के कार्यक्रम में इसरो को असफलता का सामना करना पड़ा था। 31 अगस्त 2017 को एक प्रक्षेपास्त्र पृथ्वी की निम्न कक्षाओं में उपग्रहों को तैनात नहीं कर पाया था। इस बार के पीएसएलवी-सी-40 की ऊंचाई 44.4 मीटर और वजन 320 टन रखा गया था। पीएसएलवी के साथ 1332 किलो वजनी 31 उपग्रह एकीकृत किए गए थे ताकि उन्हें लॉन्च के बाद पृथ्वी की ऊपरी कक्षा में तैनात किया जा सके।

इस परियोजना से अर्थ नैविगेशन के क्षेत्र में देश को बड़ी सफलता मिलेगी। इससे धरती की अच्छी गुणवत्ता वाली तस्वीरें मिलने लगेंगी। इन तस्वीरों का इस्तेमाल सड़क नेटवर्क पर नजर रखने में किया जा सकेगा। इससे देश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।

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