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VIDEO: रामदेव बोले, ‘PM मोदी की आलोचना करना लोगों का मौलिक अधिकार, अच्छाइयां भी गिनाएं’

बकौल रामदेव, "पीएम को और राफेल को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी के प्रवक्ता उनका जवाब देंगे। लेकिन पीएम ने देश को इस दिशा में साधा। फिर उन्होंने विभिन्न योजनाएं शुरू कीं। स्वच्छता 70 सालों में कभी भी राजनीतिक मुद्दा न बना।"

योग गुरु स्वामी रामदेव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (एक्सप्रेस फोटोः प्रवीण खन्ना/अमित मेहरा)

योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना लोगों का मौलिक अधिकार है। पर जनता को उनकी दो-चार अच्छाइयां भी गिनानी चाहिए। रविवार (16 सितंबर) को वह एनडीटीवी के यूथ एनक्लेव में पहुंचे थे। नई दिल्ली स्थित एक होटल में हुए कार्यक्रम में उनके डेरी (दूध, पनीर और घी) उत्पादों को लेकर चर्चा हो रही थी। पतंजलि आयुर्वेद के सर्वेसर्वा उसी दौरान बोले, “देखिए, यूं ही किसी का आलोचना कर देना बहुत आसान है। लेकिन एक-एक पल मेहनत कर, 18-20 घंटे काम कर मैंने 40 सालों से कर्म को अपना धर्म माना। भारत माता को अपना आराध्य माना। एक भी छुट्टी नहीं ली और यूं ही सेवा करता रहा।”

एंकर नगमा सहर ने इसी पर कहा कि दो चीजें साफ हैं। एक बाबा रामदेव छुट्टी नहीं लेते। दूसरे पीएम मोदी जी भी छुट्टी पर नहीं जाते। योगगुरू ने इस पर हंसते हुए जवाब दिया, “मोदी जी की जो लोग आलोचना करते हैं, मैं उनका स्वागत करता हूं। क्योंकि लोकतंत्र में सबको इसका मौलिक अधिकार है। मैं उनके बारे में एक बात जरूर कहता हूं कि जो भी उनकी बुराइयां करें, कम से कम दो-चार उनकी अच्छी चीजें भी गिनाएं। वह मेहनत करते हैं। 18-20 घंटे काम करते हैं और कोई बड़ा घोटाला भी नहीं होने दिया।”

बकौल रामदेव, “पीएम और राफेल मुद्दे को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी के प्रवक्ता उनका जवाब देंगे। लेकिन पीएम ने देश को इस दिशा में साधा। फिर उन्होंने विभिन्न योजनाएं शुरू कीं। स्वच्छता 70 सालों में कभी भी राजनीतिक मुद्दा न बना। पूरी दुनिया में यह छाप बन गई थी कि भारत गंदगी भरा देश है। पीएम स्वच्छता को एक स्तर पर लेकर आए कि वह भी अभियान हो सकता है।”

स्वामी रामदेव ने आगे फिटनेस का मंत्र भी बताया। कहा, “मैं एक ही बात मानता हूं कि व्यक्ति को अपना स्वास्थ्य दुरुस्त रखना चाहिए। जो बीमार होते हैं, वह धरती पर भार होते हैं। जिन्हें गंभीर बीमारियां होती हैं, उनके परिवार तबाह हो जाते हैं। वे कर्जदार हो जाते हैं। कर्ज चुकाने में उनकी कई पीढ़ियां गुजर जाती हैं। ऐसे में बीमार न पड़ें। जो बीमार होता है, वह खुद भी बीमार होता है और परिवार को भी दुखी करता है।”

बाबा के मुताबिक, “योग से शरीर का ढांचा अच्छा हो जाता है और दिमाग में विचार भी बढ़िया आते हैं। राइट इमोशन, राइट थॉट्स और राइट एक्शंस। यानी कि एकदम परफेक्ट लाइफ।”

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