ताज़ा खबर
 

VIDEO: CAB पर INC नेता से भिड़े BJP प्रवक्ता, बोले- दलाई लामा आए थे तो नेहरू ने क्या चीन से विरोध किया था?

खलीक ने इसी पर टोका और आप यह स्पष्ट करें कि कितने बार बांग्लादेश सरकार के साथ इस पर विरोध किया? संसद के अंदर और बाहर बोलिए...।

The Citizenship (Amendment) Bill, CAB, Sudhanshu Trivedi, BJP, Congress MP, Abdul Khaliq, Former PM, Jawahar Lal Nehru, China, Dalai Lama, Tibbet, India, Aajtak, Dangal, Rohit Sardana, Trending News, India News, National News, Hindi News(BJP प्रवक्ता सुधांशू त्रिवेदी। फोटोः FB/SudhanshuTrivediOfficial)

नागरिकता संशोधन बिल (The Citizenship – Amendment – Bill : CAB) पर बुधवार को एक टीवी डिबेट में Congress और BJP प्रवक्ता के बीच जमकर बहस हुई। हिंदी चैनल आज तक पर ‘दंगल’ शो के दौरान कांग्रेसी सांसद अब्दुल खलीक ने इस बिल को संविधान विरोधी बताया था। उन्होंने कहा कि यह समानता के खिलाफ है।

भगवा पार्टी के नेता सुंधाशु त्रिवेदी ने इसी पर जवाब दिया- हमने सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं किया है। हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौध, पारसी…जिसके साथ भी हो रहा है। अरे भई, वह अपने देश में गड़बड़ कर रहे हैं, तब हमारी बोलने की सीमा है। हम कैसे बोल सकते हैं? अगर वहां कोई समस्या है, तब हम उन्हें स्थान दे सकते हैं।

खलीक ने इसी पर टोका और आप यह स्पष्ट करें कि कितने बार बांग्लादेश सरकार के साथ इस पर विरोध किया? संसद के अंदर और बाहर बोलिए…। बीजेपी नेता ने इसी पर जवाब दिया- आप वहां के आंतरिक मामले में कैसे बोल सकते हैं? तिब्बत से 1962 में दलाई लामा आए थे, तब क्या नेहरू जी ने चीन से विरोध किया था? दलाई लामा को शरण दी थी न…चीन से दोस्ती थी। हिंदी-चीनी भाई-भाई कह रहे थे आप और दलाई लामा को शरण भी दे रहे थे। गजब का तर्क है…।

बीजेपी प्रवक्ता ने आगे इंदिरा गांधी का जिक्र भी किया और कहा…। देखें, डिबेट में आगे और क्या हुआः

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। हालांकि, कई विपक्षी दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से शरणार्थी के तौर पर आए उन गैर मुसलमानों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है जिन्हें धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा हो। सूत्रों ने बताया कि 1955 के नागरिकता अधिनियम को संशोधन करने वाले इस विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

विपक्षी दल इस विधेयक को बांटने वाला और साम्प्रदायिक बता रहे हें । इसे भाजपा की विचारधारा से जुड़े महत्वपूर्ण आयाम का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें शरणार्थी के तौर पर भारत में रहने वाले गैर मुसलमानों को नागरिकता देने का प्रस्ताव किया गया है। इनमें से ज्यादातर लोग हिन्दू हैं। इसके माध्यम से उन्हें उस स्थिति में संरक्षण प्राप्त होगा जब केंद्र सरकार देशव्यापी राष्ट्रीय नागरिक पंजी की योजना को आगे बढ़ायेगी।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 वीडियोः नागरिकता बिल पर एंकर ने पूछा दिक्कत क्या है? पैनलिस्ट बोले- मेरा झगड़ा बीवी से है, तो पड़ोसी क्यों संभालेगा उसे
2 डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता से बोले मुस्लिम नेता- आप हिंदुओं को धोखा दे रहे हो, एकंर बोली- सही बात
3 पूर्व बैंककर्मी ने तकिए से दम घोंट कर दी पत्नी की हत्या, 5000 रुपये में कोबरा लाकर दांत चुभाया और बताया- सर्पदंश से हुई मौत
ये पढ़ा क्या?
X