ताज़ा खबर
 

BSF, CISF के बाद अब सेना के जवान का वीडियो आया सामने, कहा- अधिकारी करवाते हैं जूते पॉलिश

इससे पहले बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान ने अपनी परेशानियों का जिक्र करते हुए वीडियो बनाया था।

सेना के जवान का यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ है।

जम्मू-कश्मीर में बर्फ से घिरे सीमाई इलाकों में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान की ओर से उन्हें मिलने वाले भोजन की खराब गुणवत्ता का वीडियो जारी करने के बाद देश भर में इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिसमें सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने मातहतों को प्रताड़ित करने की शिकायत की गई है । इनमें एक वीडियो थलसेना के एक जवान जबकि एक अन्य केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कांस्टेबल का है । बीएसएफ के कांस्टेबल तेज बहादुर यादव के वीडियो को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय से कहा कि वह शिकायत और उस पर अब तक की गई कार्रवाई पर ‘विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट’ सौंपे। यादव के आरोपों के बाद सरकार इन आलोचनाओं का सामना कर रही थी कि दुर्गम जगहों पर तैनात जवानों के साथ सही सलूक नहीं किया जाता, कि तभी नए वीडियो सामने आ गए।

HOT DEALS
  • Sony Xperia XZs G8232 64 GB (Ice Blue)
    ₹ 34999 MRP ₹ 51990 -33%
    ₹3500 Cashback
  • Honor 7X 64 GB Blue
    ₹ 15375 MRP ₹ 16999 -10%
    ₹0 Cashback

इसके बाद थलसेना के लांस नायक वाई पी सिंह का वीडियो सामने आया है। वीडियो में सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर ‘दुर्व्यवहार’ का आरोप लगाया। सिंह ने आरोप लगाया कि उनके वरिष्ठ अधिकारी अक्सर उन्हें धमकाते हैं कि यदि उन्होंने जूते पॉलिश करने सहित उनके अन्य आदेशों का पालन नहीं किया तो वह नौकरी से हाथ धो बैठेंगे।

इंटरनेट पर वायरल हुए वीडियो में सिंह ने कहा, ‘मैं सेना में 15 साल 6 महीने से सर्विस कर रहा हूं। इस दौरान मैंने यह देखा कि भारतीय सेना में अधिकारी जवानों का कैसे शोषण करते हैं। इसके लिए मैं काफी दिनों से परेशान था। हिम्मत जुटाना मुश्किल हो रहा था, क्योंकि सारी पावर अधिकारियों के पास में है। लेकिन मैंने सब कुछ सोचते हुए कि आखिर में फैसला किया कि इसके खिलाफ आवाज उठाऊंगा। 15-06-2016 को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, गृहमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को मैंने पत्र लिखा। इसके बाद प्रधानमंत्री दफ्तर से हमारा बिग्रेड से जवाब मांगा गया। ब्रिगेड से पूछा गया कि एक जवान का पत्र आया है, क्या उसमें लगाए गए आरोप सही हैं या गलत। अगर ऐसा है तो उसमें सुधार किया जाए। जब यह पत्र हमारी ब्रिगेड में पहुंचा तो हमारे ब्रिगेड कमांडर अजय पराशबोला, डिप्टी कमांडर बीके जैन, सुबेदार बाबू लाल, सुबेदार मणिराम द्वारा मुझे बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया। मुझे इतना परेशान किया गया कि एक आम सैनिक होता तो या तो सुसाइड कर लेता या फिर अधिकारियों से बदला लेने के लिए कोई कदम उठाता। लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैं एक सैनिक हूं। यह एक गलत कदम होता। मैंने सोचा कि अगर मैंने यह गलत कदम उठाया तो वर्दी को कलंकित करूंगा।’

यहां देखें वीडियो-

साथ ही सिंह ने कहा, ‘हमारी ब्रिगेड के अधिकारी कहते हैं कि आपने देशद्रोह किया है, आपको कोर्ट मार्शल करके घर भेज दिया जाएगा। मैंने सेना की किसी छावनी, ट्रेनिंग, हथियार, सैनिक या उपकरण का इस पत्र में उल्लेख नहीं किया है। ना ही यह पत्र भारत के अलावा दूसरे देश को भेजा है। फिर देशद्रोह का केस कैसे हो सकता है। कुछ और ऐसे वीडियो भेज रहा हूं कि अधिकारी जवानों का शोषण कर रहे हैं। इन वीडियो में जवान अधिकारियों के बच्चे खिला रहे हैं, गाड़ियां साफ कर रहे हैं, गार्डन साफ कर रहे हैं, जूते पॉलिश कर रहे हैं।’

वीडियो- BSF जवान के बाद अब CRPF जवान ने उठाए सुविधाओं पर सवाल; वीडियो वायरल

वीडियो- BSF जवान होने का दावा कर रहे शख्स ने वीडियो में कहा- “उच्च अधिकारी सब बेचकर खा जाते हैं, पीएम मोदी जांच कराएं”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App