ताज़ा खबर
 

VIDEO: 750KM दूरी पर चंद्रयान-2 भेजने की गहमागहमी, इधर कपड़े की डोली में कंधे पर टांग 6KM दूर अस्पताल पहुंची गर्भवती, विकास की दो विचित्र तस्वीरें

आंध्र प्रदेश में जहां से चंद्रयान छोड़ा जा रहा है वहां से 750 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले लोगों को सड़क और एंबुलेंस तक मुहैया नहीं है। यहां एक प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती महिला को बांस और कपड़ों से बने स्ट्रैचर के जरिए कंधों पर ढोकर अस्पताल ले जाया गया।

आंध्र प्रदेश के एक गांव में कंधे पर गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाते परिजन। (फोटो सोर्स: ANI Video )

भारत के भी विकास के कई कोण हैं। एक तरफ अंतरिक्ष पर फतह करने की ज़िद है तो दूसरी तरफ ग़रीबी और सुविधाओं की कमी से हारने का स्याह सच भी है। देश के जिस जगह से चंद्रयान-2 को भेजने की दुनिया भर में चर्चा है, वहीं से महज 750 किलोमीटर की दूरी पर बीमार लोगों के लिए सड़क और एंबुलेंस की सुविधा मौजूद नहीं है। आंध्र प्रदेश के एक गांव से ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग कच्चे रास्तों पर एक गर्भवती महिला को कांवड़ में बिठाकर अस्पताल ले गए।

विशाखापट्टनम जिले के कोठवासला गांव में प्रसव पीड़ा के दौरान गर्भवती महिला को बांस और कपड़े से बने स्ट्रेचर को कांधों पर टांग कर 6 किलोमीटर दूर केजे पूरम अस्पताल ले जाना पड़ा। कच्चे रास्ते पर परिजन महिला को अस्पताल तक ढो कर लाए। एएनआई के मुताबिक अस्पताल में सफल डिलेवरी कराई गई और बच्चा और मां दोनों सुरक्षित हैं।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के ही दूसरे शहर श्रीहरिकोटा में सोमवार को दोपहर 2.43 बजे चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण की तैयारी है। देश और दुनिया के लोगों की नज़रे भारत की इस कामयाबी पर टिकी है। इस मिशन के तहत चंद्रयान चांद की सतह पर पहुंचेगा। अगर ऐसा हुआ तो भारत दुनिया में चौथा देश बन जाएगा। मिशन के मुताबिक चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान की लैंडिंग की योजना है। अगर यह संभव हुआ तो भारत दुनिया में ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा। लेकिन, विकास की यह एक अलग तस्वीर है। इसी राज्य की दूसरी तस्वीर बांस और कपड़े स्ट्रेचर में अस्पताल ले जाती महिला की भी है। जहां सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।

इसके पहले अभी कुछ ही दिनों में ओडिशा के कालाहांडी में भी एक ऐसा ही वाकया पेश आया था, जहां एक व्यक्ति के मौत के बाद ग़रीब परिवार को अस्पताल ने एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई परिजनों को शव कंधे पर लेकर घर जाना पड़ा। वहीं, बिहार के नालंदा में भी स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही सामने आई थी, जहां एक बच्चे की मृत्यु के बाद उसके परिजन को मोटरसाइकिल पर लादकर शव ले जाना पड़ा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 ‘राहु काल’ की वजह से ISRO ने नहीं शुरू किया चंद्रयान-2 का काउंटडाउन? 13 अंक से भी सहमे
2 इन तीन राज्यों तक सीमित हुए अमित शाह, बीजेपी की बाकी रणनीति जेपी नड्डा और बीएल संतोष के हाथ
3 केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के छोटे भाई का निधन, समस्तीपुर से थे सांसद