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उप-राष्ट्रपति चुनाव 2017: वेंकैया नायडू जीते, गोपाल कृष्ण गांधी को मिले 244 वोट

Vice Presidential Election 2017: वेंकैया नायडू को कुल 516 वोट मिले। वहीं गोपाल कृष्ण गांधी को 244 वोट मिले।

वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति का चुनाव जीत लिया।

वेंकैया नायडू भारत के अगले उप-राष्ट्रपति होंगे। शनिवार (5 अगस्त) को हुए मतदान को उन्होंने जीत लिया है। वेंकैया नायडू को कुल 516 वोट मिले। वहीं गोपाल कृष्ण गांधी को 244 वोट मिले। वेंकैया नायडू एनडीए के उम्मीदवार थे। उपराष्ट्रपति के चुनाव में कुल 760 वोट पड़े थे। वेंकैया के जीतने पर कांग्रेस की तरफ से गुलाब नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष के लोग अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं करेंगे चाहे उन्हें हार का सामना क्यों ना करना पड़े। उन्होंने उन सब लोगों का शुक्रिया किया जिन्होंने एनडीए के खिलाफ वोट दिया। वेंकैया के जीतने पर गोपाल कृष्ण गांधी ने उनको बधाई दी और उन लोगों का शुक्रिया किया जिन्होंने उनका सपोर्ट किया। गोपाल ने कहा कि उनको मिले वोटों से वे संतुष्ट हैं।

चुनाव जीतने के बाद वेंकैया ने कहा, “राज्यसभा के सभापति के रूप में मैं निर्भय और निष्पक्ष होकर सदन का कामकाज संचालित करने की ईमानदार कोशिश करूंगा। मैं सदन के कामकाज के नियमों और संकल्पों के अनुसार काम करूंगा और सभी सदस्यों के सहयोग से सदन की मर्यादा को बनाए रखूंगा।’ उन्होंने कहा कि वह इस बात की कोशिश करेंगे कि ऊपरी सदन का हर सदस्य देश के सामने खड़े मुद्दों को सुलझाने की दिशा में अर्थपूर्ण योगदान करे। नायडू 10 अगस्त को हामिद अंसारी का स्थान लेंगे। उन्होंने कहा, “भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित कर मुझे जो सम्मान मिला है, उसके लिए मैं अभिभूत हूं।” इस निर्वाचन के जरिए वह राज्यसभा के सभापति भी होंगे।

भाजपा के पूर्व नेता ने कहा कि वह “खासतौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य कई पार्टियों के नेताओं के आभारी हैं, जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी देने का विचार किया। मैं संसद के सम्मानित सदस्यों के प्रति आभारी हूं, जिन्होंने मुझपे भरोसा जताया और यह जिम्मेदारी मुझे सौंपी।” वेंकैया ने कहा कि वह इस बात से अभिभूत हैं कि एक आम आदमी को यह सम्मान प्राप्त हुआ है, क्योंकि “मेरी जड़ें एक सामान्य किसान परिवार से जुड़ी हुई हैं।”

वेंकैया ने कहा, “यह हमारे संसदीय लोकतंत्र की सुंदरता और क्षमता की बात करता है। संसद हमारे लोकतांत्रिक राजनीति का सर्वोच्च मंच हैं, जो जन जीवन की बेहतरी के लिए आवश्यक विधायी उपायों के जरिए हमारे देश के सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए है।”

वोटिंग के दिन कुल 14 सांसद उपस्थित नहीं थे। इसमें बीजेपी, कांग्रेस और Indian Union Muslim League के दो-दो सांसद शामिल हैं। बाकी टीएमसी के चार, एनसीपी के एक और पीएमके (Pattali Makkal Katchi) के दो सांसद नहीं आए। इसके अलावा दो स्वतंत्र सांसद भी वोटिंग के नहीं पहुंचे। बीजेपी के विजय गोयल और सांवर लाल जाट ने वोट नहीं डाला, टीएमसी के तापस पॉल, प्रतिमा मोंडल और अभिषेक बनर्जी ने भी वोट नहीं डाला।कांग्रेस के मौसम नूर और राणे नाराह ने वोट नहीं डाला। एनसीपी के उड्डयन राजे भोंसले वहीं पीएमके के अंबुमानी रमादास ने वोट नहीं डाला। वहीं IUML के अब्दुल वहाब और पीके कुंघनकुट्टी ने वोट नहीं डाला। अनु आघा और नाबा कुमार (निर्दलीय) ने भी वोट नहीं दिया।

 

मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। वह लगातार दो बार इस पद पर रह चुके हैं। राज्यसभा के पदेन सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान का अधिकार संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित तथा नामित सदस्यों को होता है।दोनों सदनों में सदस्यों की कुल संख्या 790 है।

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