ताज़ा खबर
 

नरेंद्र मोदी को 2019 में हराने के लिए कांग्रेस दे सकती है राहुल गांधी के भविष्य की कुर्बानी, किसी और को बना सकती है चुनावी चेहरा

अभी हाल ही में राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर राहुल गांधी की गैर मौजूदगी में ही पार्टी ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर राष्ट्रपति उम्मीदवार का चयन किया था।

कांग्रेस ने हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर रणनीतिक बदलाव के संकेत दिए हैं। इस बदलाव के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के रोल में इजाफा किया गया है। ऐसे नेताओं में पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद जैसे लोग शामिल हैं। (एक्सप्रेस फोटो)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी साल 2019 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के काट के रूप में कांग्रेस का चेहरा नहीं होंगे। इस बात का अंदाजा पार्टी में पुराने नेताओं की बढ़ती सक्रियता और ताकत से लगाया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इस बात को समझ चुकी हैं कि अगर 2019 में मोदी के विजय रथ को रोकना है तो फिलहाल बेटे राहुल के भविष्य की कुर्बानी देनी होगी। शायद यही वजह है कि सोनिया गांधी ने फिर से पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली है। न्यूज 18 के मुताबिक, आगामी विधान सभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी में रणनीतिक भूमिका निभाने वाले युवाओं की जगह फिर से पुराने चेहरे होंगे। माना जा रहा है कि 2019 के आम चुनाव के लिए भी कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल के अलावा कोई भी 2019 का चेहरा हो सकता है।

कांग्रेस ने हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर रणनीतिक बदलाव के संकेत दिए हैं। इस बदलाव के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के रोल में इजाफा किया गया है। ऐसे नेताओं में पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद जैसे लोग शामिल हैं। अभी हाल ही में राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर राहुल गांधी की गैर मौजूदगी में ही पार्टी ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर राष्ट्रपति उम्मीदवार का चयन किया था। इसमें सोनिया गांधी के अलावा गुलाम नबी आजाद और अन्य वरिष्ठ नेताओं की भूमिका रही थी। इसके अलावा उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर भी सोनिया के नेतृत्व में तमाम विपक्ष लामबंद दिखा।

HOT DEALS
  • Sony Xperia XA Dual 16 GB (White)
    ₹ 15940 MRP ₹ 18990 -16%
    ₹1594 Cashback
  • Honor 7X 64 GB Blue
    ₹ 16699 MRP ₹ 16999 -2%
    ₹0 Cashback

इनसे इतर, कांग्रेस की कम्युनिकेशन कमेटी की गुरुवार की घोषणा ने स्पष्ट कर दिया कि अब पुराने नेता ही पार्टी को लीड करेंगे। गुरुवार (13 जुलाई) को कांग्रेस ने एलान किया था कि पार्टी के कम्यूनिकेशन कमेटी में अब पी चिदंबरम, आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद जैसे वरिष्ठ नेताओं का वर्चस्व होगा।

कांग्रेस के एक पुराने नेता ने न्यूज 18 से कहा कि आज के राजनीतिक परिदृश्य में यह सच है कि मोदी के विकल्प के लिए पूरे विपक्ष को एकजुट होना होगा क्योंकि कांग्रेस अकेले विकल्प दे पाने में फिलहाल असमर्थ है। कांग्रेस को इसके लिए क्षेत्रीय क्षत्रपों के साथ की जरूरत है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की छवि अभी तक लोकप्रियता के पैमाने पर कमजोर है। इसके अलावा जब मोदी विरोधी लोगों से बात की जाती है तो वो भी राहुल के प्रभाव से असरहीन हैं। उनके सामने भी मोदी के काट के रूप में कोई चेहरा फिलहाल नहीं दिख रहा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App