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उप-राष्ट्रपति चुनाव 2017: कैसे और क्यों बने गोपालकृष्ण गांधी 18 विपक्षी दलों के उम्मीदवार? पूछा- कौन है 18वीं पार्टी?

उप-राष्ट्रपति चुनाव 2017: कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन ने गोपालकृष्ण गांधी को उप-राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष का उम्मीदवार बनाए जाने के बारे में सूचित किया।

Author Updated: July 12, 2017 10:41 AM
उपराष्ट्रपति चुनाव: गोपाल कृष्ण गांधी को कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष ने बनाया उम्मीदवार।

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी को कांग्रेस समेत 18 विपक्षी दलों का उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने पर “अनौपचारिक” सहमति बन गई है। इन दलों ने मंगलवार (11 जुलाई) को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में गांधी को नाम पर मुहर लगायी। विपक्षी दलों के नेताओं के अनुसार गोपालकृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाए जाने की दो प्रमुख वजहें रहीं। एक, उनका महात्मा गांधी का पोता होना और दूसरा उनका कभी सक्रिय राजनीति में न होना। इतना ही नहीं गोपालकृष्ण गांधी का दक्षिण भारतीय कनेक्शन भी है। वो तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में रहते हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं को शायद याद रहा कि गोपालकृष्ण गांधी के नाना सी राजगोपालचारी हैं। कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे राजगोपालचारी भारत के अंतिम वायसराय रहे।

तमिलनाडु की दो प्रमुख पार्टियों में एक एआईएडीएमके इस समय एनडीए के साथ दिख रही है तो दूसरी डीएमके कांग्रेस के साथ। विपक्ष को उम्मीद है कि गोपालकृष्ण गांधी के चेन्नई निवासी होने और तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक परिवार से पारिवारिक संबंध के मद्देनजर एआईएडीएमके उनकी उम्मीदवारी के समर्थन या विरोध का फैसला सोच-समझ कर लेगा। सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने विपक्षी दलों की बैठक में कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार दक्षिण भारत से हो। अग्रवाल को फिर दूसरे नेताओं ने बताया कि गांधी चेन्नई में रहते हैं।

गोपालकृष्ण गांधी को जब उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने की सूचना मिली तो कक्षा में पढ़ा रहे थे। उन्हें कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन ने सूचित किया। गांधी ने सबसे पहला सवाल ये पूछा कि विपक्षी धड़े की 18वीं पार्टी कौन है। उन्हें बताया गया कि जदयू नेता शरद यादव बैठक में मौजूद थे और उन्होंने गांधी के चार सेट फॉर्मों में दूसरे प्रस्तावक के तौर पर दस्तखत किए हैं। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी गांधी के एक अन्य प्रस्ताव होंगे। गांधी जब पश्चिम बंगाल में राज्यपाल थे तो सीपीएम ने उनकी काफी आलोचना की थी। मार्च 2007 में वामपंथी सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों पर गोली चलने का मुद्दा काफी विवादित रहा था। गांधी ने उस फायरिंग में 14 लोगों” के मारे जाने को “निष्ठुर आतंक” कहा था।

पूर्व आईएएस गोपालकृष्ण गांधी हिन्दी और अंग्रेजी में करीब आधा दर्जन किताबों के लेखक हैं। संप्रति वो अशोक यूनिवर्सिटी में वो इतिहास और राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हैं। उनके पिता देवदास गांधी महात्मा गांधी के पुत्र थे। गोपालकृष्ण गांधी की पत्नी तारा गांधी हैं। गांधी दंपती के दो बेटियां हैं।

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