Vibhajan Vibhishika Diwas: आजादी के उत्सव से एक दिन पहले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट के जरिए उस वक्त को याद किया है। पीएम मोदी ने कहा कि वे उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन करते हैं, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने भी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आज हम ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।”
‘लोगों ने शून्य से शुरू कर फिर बनाई जिंदगी’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि यह दिन हमारे देश में आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को अधिक मजबूत करे और हम सब मिलकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में काम करें।
एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें। उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः। कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”
अमित शाह बोले- त्रासदी की स्मृतियां युवाओं तक…
गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “14 अगस्त 1947 का दिन इतिहास के सबसे क्रूर अध्यायों में से एक का साक्षी है, जिसमें लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और अमानवीय पीड़ा सहनी पड़ी। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को अपने घर, संपत्ति और प्रियजनों को छोड़कर विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा।”
अमित शाह ने कहा, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर मोदी सरकार इस त्रासदी की स्मृतियों को युवाओं तक पहुंचा रही है, ताकि देश को फिर से बांटने की कोशिश करने वाली ताकतें कभी सफल न हो सकें।”
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह दिन भारत के विभाजन की उस त्रासदी की याद दिलाता है, जिसने लाखों परिवारों के जीवन को गहरे दुख, विस्थापन और अनिश्चितता से भर दिया। उन्होंने कहा कि यह उन अनगिनत लोगों के संघर्ष, साहस, बलिदान और दृढ़ता का भी स्मरण है, जिन्होंने अपने घर, परिवार, संपत्ति और प्रियजनों को खोने के बावजूद अपने जीवन को फिर से संवारने का संकल्प दिखाया।
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