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अयोध्या मामले में SC ने किया पुर्निवचार याचिकाओं को खारिज, VHP अध्यक्ष बोले राम मंदिर निर्माण में अब नहीं रहा कोई बाधा

विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा, 'अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में मुझे अब कोई कठिनाई दिखाई नहीं देती। मेरा मानना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के दो साल के भीतर यह मंदिर बनकर तैयार हो जाना चाहिए।'

Author इंदौर | Published on: December 12, 2019 7:53 PM
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में यदि बहुत तेजी से काम शुरू हुआ तो भी कम से कम पांच साल लग जाएंगे। (इस तस्वीर का इस्तेमाल सांकेतिक रूप से किया गया है। फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

अयोध्या मामले में दायर पुर्निवचार याचिकाएं खारिज करने के उच्चतम न्यायालय के गुरुवार (12 दिसंबर) के निर्णय का विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक शीर्ष पदाधिकारी ने स्वागत किया और कहा कि उन्हें भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में अब कोई बाधा नजर नहीं आती है। पुर्निवचार याचिकाओं के जरिए उच्चतम न्यायालय के नौ नवंबर के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत अयोध्या में 2.77 एकड़ की विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया था। इसके बाद राम जन्मभूमि को लेकर विवाद अब खत्म होता दिख रहा है।

विहिप अध्यक्ष ने क्या कहाः विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा, ‘हम अयोध्या मामले में दायर पुर्निवचार याचिकाओं को खारिज करने के शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं।’ मध्यप्रदेश और राजस्थान के उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश कोकजे ने दावा किया कि ये याचिकाएं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की राह में अवरोध खड़े करने के लिए बगैर किसी जायज आधार के दायर की गई थीं। इनमें मुकदमे से जुड़े कोई नए तथ्य भी नहीं थे।

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मंदिर निर्माण में अब कोई बाधा नहीं दिखता-कोकजेः मामले में कोकजे ने कहा, ‘अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में मुझे अब कोई कठिनाई दिखाई नहीं देती। मेरा मानना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के दो साल के भीतर यह मंदिर बनकर तैयार हो जाना चाहिए।’ विहिप अध्यक्ष ने नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को संसद की हरी झंडी मिलने पर भी प्रसन्नता जताई और इस प्रस्तावित कानून को ‘मानवीय’ करार दिया है।

कैब का किया समर्थन-पूर्व न्यायाधीशः इस पर कोकजे ने यह भी कहा, ‘वर्ष 1947 में भारत का बंटवारा राजनेताओं ने किया था। बंटवारे के इतने साल गुजर जाने के बाद भी अगर पाकिस्तान और पड़ोस के अन्य मुस्लिमबहुल राष्ट्रों में हिंदुओं को सताया जा रहा है, तो हम उन्हें यह तो नहीं कह सकते कि वे शरण लेने भारत क्यों आए?’ कोकजे ने इस पर भी जोर देते हुए कहा कि देश के कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के चलते सीएबी का विरोध कर रहे हैं।

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