ताज़ा खबर
 

2जी स्पेक्ट्रम घोटाला फैसला: ए. राजा और कनीमोझी समेत सभी आरोपी बरी, 1.76 लाख करोड़ का था घोटाला

2G Scam Case Final Verdict Live: हजारों करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीआई ने छह साल पहले आरोपपत्र दाखिल किया था।
ए राजा और कनीमोझी की फाइल फोटो।

1.76 लाख करोड़ रुपये के 2जी घोटाले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। जज ओपी सैनी की सीबीआई की विशेष अदालत मनमोहन सिंह सरकार के समय स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन में हुए घोटाले पर गुरुवार को निर्णय दिया। इसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनीमोझी के अलावा अन्‍य को आरोपी बनाया गया था। राजा और कनीमोझी सुबह में कोर्ट पहुंच गए थे। आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज किया था। सीबीआई की चार्जशीट पर विशेष अदालत ने वर्ष 2011 में मामले के 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

सीबीआई और ईडी ने आरोपियों के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं। विशेष अदालत ने राजा और कनीमोझी के अलावा अन्‍य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्‍न धाराओं के साथ मनीलांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत आरोप तय किए गए थे। इन पर आपराधिक षडयंत्र रचने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्‍तावेज बनाने, पद का दुरुपयोग करने और घूस लेने जैसे आरोप लगाए गए थे। सीबीआई ने 2जी घोटाला मामले में अप्रैल 2011 में आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि स्‍पेक्‍ट्रम के लिए 122 लाइसेंस जारी करने में गड़बड़ी के कारण 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2012 को लाइसेंस को रद कर दिया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. D
    Dinesh
    Dec 21, 2017 at 3:15 pm
    Modi ki aukat nahi ki ek bhi congressi ko haath laga sake. baate chahe jitna karwa lo usase. Nahi to CAG aur CBI ko aaj hi disband karo aur saare log jo is case ki pairvi kar rahe the unhe jail me daalo aur saara court ka kharch unki property bech kar wasoolo.
    (2)(0)
    Reply
    1. S
      sanjay
      Dec 21, 2017 at 12:27 pm
      सभी जांच एजेंसियो को कटघरे में खड़ा कर इनको सजा देना चाहिए और इस पर जो सकारी खर्च हुआ है इसे इनके वेतन से वसूल किया जाना चाहिये। आरुषि मर्डर केस में यदि सभी आरोपी बरी हो गये है तो क्या आरुषि जिंदा है। यदि उसको किसी ने मारा है तो यह भी सत्य है। अब इसका जश्न मनाये इससे बड़ी क्या विडंबना है जनता जो पढ़ी लिखी है उसे तो समझ में आ गया है की आरुषि मरी है और उसको किसी ने मारा है। इसी प्रकार घोटाला हुआ है इसमें कोई भी संदेह नहीं है हां अगर कोई भी पकड़ा नहीं गया या कोई भी दोषी नहीं है तो इसमें जश्न मनाने की कोई बात नहीं है जनता के टेक्स का पैसा तो चला गया है घोटाले में अगर कोई भी पकड़ा नहीं गया है तो हम क्या कहे। पूरा विश्व के पढ़े लिखे लोग आज हमारी जाँच एजेंसियों पर कानूनों पर हंस रहे होंगे।
      (2)(2)
      Reply