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राहुल अपने दादा-परदादा को भूल गए जो ‘सूट बूट’ पहनते थे: वेंकैया नायडू

राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘सूट बूट’ की टिप्पणी के लिए आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने इसे ‘बचकाना और अपरिपक्व’ बताया...

Author बेंगलूरू | September 20, 2015 5:39 PM
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू। (फाइल फोटो)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘सूट बूट’ की टिप्पणी के लिए आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने इसे ‘बचकाना और अपरिपक्व’ बताया और आरोप लगाया कि खबरों में बने रहने के लिए वह प्रधानमंत्री का नाम लेते हैं।

नायडू ने गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल के परदादा जवाहरलाल नेहरू और पिता राजीव गांधी भी ‘सूट बूट’ पोशाक पहनते थे। संसदीय मामलों के मंत्री ने पूछा, ‘‘अब वह सूट बूट (की सरकार) के बारे में बात कर रहे हैं…अपने परदादा को भूल गए जो सूट बूट पहनते थे, अपने पिता को भूल गए जो सूट बूट पहनते थे। क्या आप अपने दादा और पिता की आलोचना कर रहे हैं? आप उनकी खिल्ली उड़ा रहे हैं?’’

बिहार में एक चुनावी रैली में सूट बूट की टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेता पर हमला करते हुए नायडू ने कहा, ‘‘कृपया बोलने से पहले सोच लें, आप जो बोलते हैं उसमें परिपक्वता होनी चाहिए। देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी…वह भी निजी पोशाक पर…’’

उल्लेख करते हुए कि प्रधानमंत्री को पेश सूट की नीलामी हुई और रकम का इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए हुआ, उन्होंने कहा, ‘‘…मुझे नहीं पता कौन उनकी स्क्रिप्ट लिख रहा है…कौन उनके भाषण लिख रहा है लेकिन वे उन्हें भ्रमित कर रहे हैं।’’

चुनावी राज्य बिहार में कांग्रेस प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार को निशाना बनाने के लिए कल ‘सूट बूट की सरकार’ की टिप्पणी करते हुए लोगों को आगाह किया कि अगर राजग सत्ता में आएगा तो वे अपनी जमीन और आजीविका से हाथ धो बैठेंगे।

मोदी और भाजपा नीत राजग को ‘अमीरों का क्लब’ बताते हुए राहुल ने कहा ‘‘महात्मा ने अपना सूट त्याग दिया और धोती अपना ली क्योंकि वह गरीब किसानों की अगुवाई करते थे, एक चायवाला के तौर काम शुरू करने का दावा करने वाले मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद 15 लाख का सूट पहनने लगे।’’

एक संवाददाता के इस मुद्दे पर बार बार सवाल करने पर नायडू ने कहा, ‘‘हमें उन पर फोकस करने की जरूरत नहीं है। वह प्रधानमंत्री का नाम लेने की कोशिश कर रहे हैं जिससे कि वह खबरों में बने रहें।’’

साथ ही उन्होंने जोड़ा, ‘‘गरीबों के बोल और अमीरों के लिए करम वर्षों से कांग्रेस की नीति रही है।’’

केंद्र की तरफ से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का हवाला देते हुए नायडू ने कहा कि छोटे कारोबारियों, रेहड़ी-पटरीवालों और बेरोजगार युवाओं को पूंजी के लिए मुद्रा योजना का अनावरण होगा।

उल्लेख करते हुए कि राहुल गांधी और कांग्रेस कह रही है कि वह एक इंच जमीन भी अधिग्रहित करने की इजाजत नहीं देगी, उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानना चाहूंगा कि मिस्टर राहुल गांधी के लिए इंच का पैमाना क्या है?’’

कांग्रेस सरकार पर लाखों एकड़ जमीन जबरन अधिग्रहण करने का आरोप लगाते हुए नायडू ने उनकी पार्टी के नेताओं को स्पष्ट करने की चुनौती दी कि किस तरह उन्होंने अपनी सरकारों को एक राज्य (हरियाणा) में किसानों की तकरीबन 80,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने और लूटने की इजाजत दी।

उन्होंने भूमि विधेयक पर आज रैली कर रहे कांग्रेस और इसके नेताओं को ‘हिम्मत है’ तो इसपर स्पष्टीकरण देने की चुनौती दी। नायडू ने यह भी कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ लगाए गए आरोपों का कांग्रेस और उसके नेताओं पर उलटा असर हो गया क्योंकि वे संसद में जवाब नहीं दे पाए कि उन्होंने ललित मोदी को देश से क्यों भागने दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हर आरोपों का उनपर उलटा असर हो रहा है। इस तरह कीचड़ उछालना और भाग जाओ के कदम से कांग्रेस पार्टी को मदद नहीं मिलने वाली।’’

बिहार चुनावों में पार्टी की जीत पर भरोसा जाहिर करते हुए नायडू ने कहा, ‘‘एक तरफ कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि हमें दोषियों, भ्रष्ट लोगों का संरक्षण नहीं करना चाहिए जबकि दूसरी ओर आप राजद से गठबंधन करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि बिहार में गजब का गठबंधन है। जातिवादी, भ्रष्ट, सांप्रदायिक, दोषी – सबने हाथ मिला लिया है। यह उनका महागठबंधन है। लोग उनको खारिज करेंगे।

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