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नीति आयोग प्रमुख बोले- नकद लेन-देन से डर रहे लोग, क्‍या यह नोटबंदी का असर नहीं?

राजीव कुमार ने आगे कहा,'' कौन कहता है कि नोटबंदी का इकलौता मकसद यही था कि कम करंसी बैंक में जमा हो? 3-4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वापस सिस्टम में लौट आया है। करीब 18 लाख खाताधारकों को नोटिस भेजे गए हैं जबकि लाखों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है।''

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार।(फाइल फोटो)

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गुरुवार (30 अगस्त) को बड़ा बयान दिया। नोटबंदी के बारे में बोलते हुए उन्होंने बहुत सी बातें साफ की। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण पैसा काले से सफेद नहीं हुआ है। लेकिन वह स्लेटी जरूर हुआ है। काला धन अभी भी वहीं मौजूद है, जहां वह था। राजीव कुमार का बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ने नोटबंदी कारो​बारियों के काले धन को सफेद करने के लिए की थी।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए बयान में कहा,” नोटबंदी की वजह से करंसी काले से सफेद नहीं हुई है। लेकिन वह स्लेटी जरूर हो गई है। वह अभी भी वहीं है, जहां थी। नकद से लेनदेन में भी कमी आई है। अगर देश में ऐसा भय पैदा हुआ है कि कैश में लेनदेन करना गलत है। तो क्या यह नोटबंदी का प्रभाव नहीं है?

राजीव कुमार ने आगे कहा,” कौन कहता है कि नोटबंदी का इकलौता मकसद यही था कि कम करंसी बैंक में जमा हो? 3-4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वापस सिस्टम में लौट आया है। ये सारा पैसा कर प्राधिकरणों की निगरानी में है। वह इसे देख रहे हैं। करीब 18 लाख खाताधारकों को नोटिस भेजे गए हैं जबकि लाखों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है।”

वैसे बता दें कि गुरुवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में नोटबंदी को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी सिर्फ देश के लोगों की जेब से पैसा निकालकर कारोबारियों की जेबों में डालने के लिए की थी। नोटबंदी का देश में कोई भी असर नहीं दिखा। अलावा इसके कि इसकी वजह से छोटे कारोबारी, दुकानदार और मध्यम वर्ग का कारोबारी तबाह हो गया।

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