80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर पहली बार लाल की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राष्ट्रगीत गाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। इससे पहले लाल किले के आधिकारिक कार्यक्रम में वंदे मातरम पहले कभी शामिल नहीं किया गया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री के लाल किले पर पहुंचने के तुरंत बाद राष्ट्रगीत की प्रस्तुति की जाएगी, जो कि आधिकारिक तौर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के इतिहास में पहली बार होगा। इसके बाद अंत में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की प्रस्तुति होगी।
आजादी के 80वें समारोह का हिस्सा
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आजादी के जश्न के 80वें समारोह के हिस्से के तौर पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम‘ गीत को शामिल किया जाएगा। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह का नेतृत्व करेंगे।
वंदे मातरम को हो रहा 150 साल पूरा
बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और इस स्मारक की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। इस साल वंदे मातरम के 150 साल भी पूरे हो रहे हैं। ऐसे में पहली बार लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम गाया जाएगा।
युवा शक्ति पर भी कार्यक्रम
आगे बयान में बताया गया कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम युवा शक्ति को याद करेगा और 2047 तक विकसित भारत बनाने में युवा भारत के योगदान को पहचान देगा। इस समारोह में सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़े युवाओं को भी आमंत्रित किया गया है।
आजादी के इस जश्न में राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों (National Innovation Programmes) के तहत नवाचार करने वाले युवा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत प्रशिक्षित युवा, नमस्ते पीएम अजय (PM AJAY), प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme) के इंटर्न्स, सीड (SEED) योजनाओं के लाभार्थी, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त स्टार्टअप्स के संस्थापक, ‘माई भारत’ (MY Bharat) के स्वयंसेवक शामिल होंगे।
पास हो चुका है विधेयक
संसद ने हाल ही में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक पारित किया है। यह राष्ट्रगीत वंदे मातरम को अपमानजनक कृत्यों के खिलाफ कानूनी संरक्षण प्रदान करता है और इसे राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा देता है।
जानकारी दे दें कि वंदे मातरम 28 दिसंबर 1896 को कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया था, लेकिन यह पहली बार है जब आजादी के जश्न के समारोह में इसका गायन हो रहा है।
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कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने रविवार को कहा कि केरल में वंदे मातरम का पूरा संस्करण ‘इस जन्म’ में नहीं गाया जाएगा। कासरगोड से कांग्रेस सांसद उन्नीथन ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें, इसे पूरा नहीं गाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
