आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस वंदे भारत एक्सप्रेस अब सिर्फ रफ्तार ही नहीं बल्कि सुरक्षा के मामले में भी बड़ा बदलाव ला रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक अहम खुलासा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पत्थरबाजी की घटना में हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और एआई की मदद से आरोपी को पकड़ा गया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार (18 मार्च 2026) को लोकसभा में कहा कि वंदे भारत ट्रेन में लगाए गए हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टेक्नोलॉजी की मदद से अधिकारियों को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ट्रेन पर पत्थर फेंकने वाले लोगों को पकड़ने में मदद मिली।

वैष्णव ने प्रश्नकाल में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वंदे भारत ट्रेनों में बहुत सारे सिक्यॉरिटी फीचर्स हैं जिनमें एक डिब्बे के दूसरे डिब्बे पर चढ़ने से रोकने के भी सुरक्षा उपाय शामिल है। उन्होंने कहा, ”वंदे भारत ट्रेनों में हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगे हुए हैं। हाल में मुजफ्फरनगर की एक घटना में वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंकने वाले की कैमरे में रिकॉर्ड हुई एक बहुत छोटी सी तस्वीर और एआई तकनीक की मदद से उसे पकड़ने में हम कामयाब रहे। इससे हमें उस घर तक पहुंचने में मदद मिली जहां वह शख्स (आरोपी) रह रहा था।”

बता दें कि लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, भारत में फिलहाल 160 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। देशभर में 80 से ज्यादा प्रमुख रूट्स को जोड़ती हैं। यह नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है जिसमें विभिन्न राज्यों में सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें तेजी से कनेक्टिविटी बढ़ा रही हैं।

कब शुरू हुई थी पहली वंदे भारत ट्रेन

देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस 15 फरवरी 2019 को चलाई गई थी। पहली बार 100 किलोमीटर प्रति घंटा की औसत गति से चलाई गई थी। दिल्ली से वाराणसी के बीच सिर्फ 8 घंटे व दिल्ली से प्रयागराज के बीच मात्र 6.8 घंटे में यात्रा कराने वाली इस ट्रेन को तब पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी। इस ट्रेन का नियमित संचालन 17 फरवरी 2019 से शुरू हुआ था।

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सोमवार को बीजेपी के राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने सदन में अपने राज्य के लिए एक और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की मांग की। घनश्याम तिवारी ने राज्यसभा को जयपुर से सीकर होकर बीकानेर तक के लिए एक वंदे भारत ट्रेन चलाने की मांग करते हुए कहा कि इससे वहां के कारोबारियों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को बहुत लाभ होगा।

शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए बीजेपी के घनश्याम तिवाड़़ी ने कहा कि जयपुर राजस्थान की राजधानी है और प्रख्यात पर्यटन स्थल भी है। उन्होंने कहा कि गुलाबी नगरी धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोविंद देव जी, गोपीनाथ जी और मोती डूंगरी गणेश जी के मंदिरों में दर्शन करने के लिए आते हैं। पढ़ें पूरी खबर…