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वीके सिंह के कुत्ते वाले बाले बयान पर सदन में हंगामा, संसद से निकालने की मांग पर अड़ा विपक्ष

राज्यसभा में शुक्रवार को कुछ विपक्षी दलों की ओर से केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के ‘कुत्ते’ संबंधी बयान और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राममंदिर निर्माण संबंधी कथित बयान के विरोध में किए गए हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

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राज्यसभा में शुक्रवार को कुछ विपक्षी दलों की ओर से केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के ‘कुत्ते’ संबंधी बयान और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के राममंदिर निर्माण संबंधी कथित बयान के विरोध में किए गए हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

हंगामे के कारण सदन में शुक्रवार को भोजनावकाश से पहले हंगामे के कारण कार्यवाही को चार बार स्थगित करना पड़ा। वीके सिंह के बयान के मुद्दे पर गुरुवार को भी बसपा और कुछ अन्य दलों ने सदन में हंगामा किया था। हरियाणा में दो दलित बच्चों के मारे जाने के संदर्भ में की गई टिप्पणी के विरोध में बसपा सिंह को मंत्रिमंडल और संसद से निकालने की मांग कर रही है। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया कि सिंह के सफाई देने के बाद यह मुद्दा खत्म हो जाना चाहिए जबकि भागवत के बयान में राममंदिर का संकल्प दोहराया गया है और संकल्प करना संविधान के तहत मूलभूत अधिकार है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राममंदिर का निर्माण न्यायालय के निर्णय के तहत ही होगा।

बसपा प्रमुख मायावती ने सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब से केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में राजग सरकार आई है, देश में सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े कुछ लोग बयान देकर माहौल को बिगाड़ रहे हैं। मायावती ने कहा कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बदले उनका मनोबल बढ़ा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने जो बयान दिया वह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

उपसभापति पीजे कुरियन ने मायावती को इस मामले में अधिक बोलने की इजाजत नहीं दी और कहा कि अगर उन्हें यह मुद्दा उठाना है तो इसके लिए वे नोटिस दें। इसके बाद बसपा के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच ही संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मायावती ने दलितों के बारे में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, वे उसका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वीके सिंह के बयान के मामले में सरकार का स्पष्ट रुख है कि दलितों का सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि होनी चाहिए।

नकवी ने कहा कि वीके सिंह ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे दलितों का अपमान होता हो। सिंह की इस सफाई के बाद यह मामला खत्म हो जाना चाहिए। सपा के रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल ने आरएसएस प्रमुख भागवत के राममंदिर निर्माण संबंधी बयान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्होंने इसके लिए कुरबानी देने को तैयार रहने के लिए कहा है। यादव ने कहा कि कुछ लोग देश में उन्माद का माहौल फैलाना चाहते हैं।

यादव ने कहा कि जब राममंदिर का मुद्दा न्यायालय में विचाराधीन है तो आरएसएस प्रमुख ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मिलीभगत है। उन्होंने मांग की कि आरएसएस प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद सपा के कई सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच ही नकवी ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा न्यायालय में विचाराधीन है। मंदिर के निर्माण का संकल्प दोहराने का अधिकार सभी को है। संविधान के तहत यह मूलभूत अधिकार है।

उन्होंने कहा कि सरकार का इस मुद्दे पर यह मानना है कि मंदिर का निर्माण न्यायालय के आदेश के तहत ही होगा। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्हें प्रश्नकाल में यह मुद्दा उठाते हुए अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन यह गंभीर विषय है। अभी अभी हमने दोनों सदनों में संविधान पर चर्चा की और दोनों सदनों ने एक संकल्प पारित कर संविधान के प्रति फिर से प्रतिबद्धता जताई।

आजाद ने कहा कि चर्चा के दौरान पीड़ितों, दलितों, अल्पसंख्यकों, गरीबों के बारे में विशेष रूप से बात हुई। लेकिन सिर्फ संकल्प पारित करने से बात नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को कुछ कार्रवाई करनी होगी और खैरात अपने घर से शुरू होनी चाहिए। आजाद ने वीके सिंह के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें एक पल भी मंत्री नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मंत्री तो क्या उन्हें सांसद भी नहीं होना चाहिए और उन्हें संसद से निष्कासित किया जाना चाहिए।

हंगामे के बीच ही संसदीय कार्य राज्य मंत्री नकवी ने कहा कि हमारी सरकार दलितों के सम्मान के लिए पूरी तरह से समर्पित है। हमारा संकल्प सभी वर्गों की रक्षा है। वीके सिंह ने ऐसी कोई बात नहीं की है और उन्होंने इस संबंध में स्पष्टीकरण भी दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बात का बतंगड़ बनाया गया है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।

 

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