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उत्तराखंड में भाजपा फिर जोड़-तोड़ में लगी, अरुण जेटली-अमित शाह में हुई बात

भाजपा की कोशिश है कि किसी तरह कांग्रेस में तोड़-फोड़ कर राज्य में अपनी सरकार बनाई जाए।

Author देहरादून | April 4, 2016 11:27 PM
भारतीय जनता पार्टी

उत्तराखंड में सरकार बनाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस फिर से जोड़-तोड़ में लग गए हैं। जहां भाजपा ने हरीश रावत समर्थक कांग्रेस, बसपा, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) और निर्दलीय विधायकों को तोड़ने के लिए जाल बिछाया है वहीं कांग्रेस विधायकों के टूटने के डर से रावत ने उन्हें हिमाचल प्रदेश भेज दिया है। इसी बीच उत्तराखंड में राज्यपाल डॉ. केके पॉल को बदलने की भी चर्चाएं हैं।

सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने कांग्रेस के छह और विधायकों में सेंध लगा दी है। भाजपा नेताओं का दावा है कि कभी भी कांग्रेस के छह विधायक भाजपा के पाले में आ सकते हैं। बसपा का एक और दो निर्दलीय विधायक भी भाजपा के संपर्क में बताए जाते हैं।

भाजपा की कोशिश है कि किसी तरह कांग्रेस में तोड़-फोड़ कर राज्य में अपनी सरकार बनाई जाए। दिल्ली में रविवार रात केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह में उत्तराखंड मामले पर गहन बातचीत हुई।

माना जा रहा है कि हरीश रावत के कुमाऊंनी ठाकुर वोटों की काट के लिए भाजपा भगत सिंह कोश्यारी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाकर अगले विधानसभा चुनाव में बड़ा चुनावी दांव खेल सकती है। कोश्यारी खांटी संघी हैं। वे ईमानदार छवि के जन नेता हैं। उनकी लोकप्रियता कुमाऊं और गढ़वाल में समान रूप से है।

हरीश रावत ने भाजपा आलाकमान पर आरोप लगाया कि भाजपा नेता विधायकों की फिर से खरीद-फरोख्त के लिए नोटों से भरे बैग लेकर आजकल राज्य की खाक छान रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर भी दबाव बनाने का खेल भाजपा ने शुरू कर दिया है।

रावत ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जिन कांग्रेसी मंत्रियों और नेताओं पर वे सबसे भ्रष्ट होने का आरोप लगाते थे, आज उन सबको मुकुट का नगीना बना लिया है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि हरीश रावत अपने शासनकाल में किए गए भ्रष्ट कारनामों से डरे हुए हैं। इसलिए वे राज्य में पदयात्रा निकालने के नाम पर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।

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