ताज़ा खबर
 

उत्तर प्रदेश के नागरिक हो जाएं अलर्ट, दिल्ली से ज्यादा जहरीली है लखनऊ समेत इन 7 शहरों की हवा!

यूपी में गाजियाबाद सबसे अधिक प्रदूषित स्थान रहा। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 453 दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदूषण से निपटने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

Author लखनऊ | Published on: November 3, 2019 11:42 AM
Noida air quality, Noida pollution, Ghaziabad pollution, UP cities pollution, CM yogi, Yogi Aditya Nath, agriculture department, air quality index, air pollution, Hapur, Bulandshahr, Varanasi, CPCB, Central Pollution Control Board’s bulletinप्रदूषण से निपटने के लिए राजधानी लखनऊ में पानी का छिड़काव करता कर्मचारी। (फोटोःपीटीआई)

दिल्ली-एनसीआर में जहां लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है वहीं वायु प्रदूषण का असर अब आसपास के राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली के बाद यूपी में भी वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। स्थिति यह है कि राजधानी लखनऊ के अलावा बुलंदशहर, हापुड़, ग्रेटर नोएडा, बागपत, नोएडा, कानपुर और मेरठ में वायु गुणवत्ता दिल्ली के मुकाबले अधिक खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से शनिवार शाम चार बजे गत 24 घंटे के आधार पर जारी बुलेटिन के मुताबिक देश के 13 ऐसे शहर हैं जहां की औसत वायु गुणवत्ता 400 के पार है जो ‘ गंभीर’ श्रेणी में आता है। इन शहरों में सबसे अधिक सात शहर उत्तर प्रदेश के, पांच हरियाणा के और एक बिहार का है। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे अधिक 453 दर्ज किया गया।

बुलंदशहर में 446, हापुड़ में 444, ग्रेटर नोएडा में 438, बागपत में 435, नोएडा में 432, लखनऊ में 422, कानपुर में 379, मेरठ में 371 और वाराणसी में 328 औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदूषण से निपटने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। सरकार की तरफ से जारी बयान के अनुसार कृषि विभाग को पराली जलाने पर रोक लगाने और किसानों को जागरूक करने संबंधी कार्यक्रमों को तैयार करने का निर्देश दिया गया।

इससे पहले दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में शुकवार को इस मौसम में सबसे खराब वायु गुणवत्ता रही जिसकी वजह से प्रशासन को जन स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी लेकिन शनिवार को हवा की गति बढ़ने से वायु गुणवत्ता सूचकांक में आंशिक सुधार देखा गया। सीपीसीबी बुलेटिन के मुताबिक 18 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से 400 के बीच रहा जो ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है। इनमें 11 शहर हरियाणा और तीन उत्तर प्रदेश के हैं।

दो शहर पंजाब के और एक-एक शहर बिहार एवं मध्यप्रदेश के हैं। सीपीसीबी के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में होने से लोगों की सेहत प्रभावित होती है और मरीजों पर इसका गंभीर असर होता है। वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘ बहुत खराब’ होने पर सांस संबंधी समस्या हो सकती है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 गांधी परिवार के करीबी का बड़ा बयान- इंटर्न हैं राहुल, वो ही प्रियंका को अध्यक्ष बनने से रोक रहे, सोनिया के पुत्रमोह में बर्बाद हो रही कांग्रेस
2 BJP की वेबसाइट हैक कर पीएम मोदी के लिए लिखे अपशब्द! पाकिस्तानी हैकर्स की नई करतूत
3 ‘पुलिसवालों को पीट रहे थे वकील, जान बचाने के लिए बंद करना पड़ा दरवाजा’, DCP ने सुनाई तीस हजारी कोर्ट में हिंसा की कहानी