इस्तीफा देने के बाद भी नहीं बनी सड़क तो ग्रामीणों के साथ खुद जुटे पूर्व विधायक, उठा ले गई यूपी पुलिस

अनशन के बावजूद जब प्रशासन की तरफ से जर्जर सड़कों की कोई सुध नहीं ली गई तो राकेश प्रताप सिंह ने खुद ही अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब इसकी जानकारी स्थानीय थाने को मिली तो पुलिस ने वहां पहुंचकर निर्माण कार्य को रूकवा दिया।

अमेठी के गौरीगंज के विधायक पद से इस्तीफा देने के बावजूद जब सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह खुद ही सड़कों को बनाने में जुट गए। (फोटो: फेसबुक/ rpsmlagauriganj)

दो सड़कों के निर्माण के मुद्दे पर उत्तरप्रदेश विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद भी जब निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो सपा के पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह खुद ही ग्रामीणों के साथ सड़क बनाने में जुट गए। लेकिन सड़क बनाने के दौरान ही सपा विधायक को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में निजी मुचलके पर पुलिस ने पूर्व विधायक को छोड़ दिया।

दरअसल केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी के गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र में दो सड़कों कादू नाला से थौरी मार्ग और मुसाफिरखाना से पारा मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य बीते तीन सालों से रुका हुआ है। ये दोनों सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। सपा के पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने सड़क के पुनर्निर्माण का मुद्दा विधानसभा में भी उठाया था और उन्हें सड़कें बनाए जाने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। राकेश प्रताप सिंह ने इसके लिए अमेठी जिले के डीएम को भी ज्ञापन दिया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 

जिसके बाद 31 अक्टूबर को राकेश प्रताप सिंह ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष हृदनारायण दीक्षित को सौंप दिया। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मैं मौजूदा सरकार में जनसमस्याओं को भी सुलझा पाने में भी अक्षम हूं। इसलिए मेरा विधानसभा के सदस्य के रूप में रहने का कोई औचित्य नहीं है। 

विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद राकेश प्रताप सिंह लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी मूर्ति पर अनशन पर बैठ गए। लेकिन बाद पुलिस ने उन्हें गांधी मूर्ति से हटाकर जबरन अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी उनसे मिलने पहुंचे और जूस पिलाकर उनके अनशन को ख़त्म कराया।

अनशन के बावजूद जब प्रशासन की तरफ से जर्जर सड़कों की कोई सुध नहीं ली गई तो राकेश प्रताप सिंह ने खुद ही अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब इसकी जानकारी स्थानीय थाने को मिली तो पुलिस ने वहां पहुंचकर निर्माण कार्य को रूकवा दिया। पुलिस ने इस दौरान गौरीगंज के पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने पूर्व विधायक और उनके समर्थकों को रिहा कर दिया।      

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