देश के सबसे लंबे डोबरा-चांठी मोटरेबल झूला पुल का उद्घाटन, ढाई लाख लोगों को होगा फायदा; जानें क्या है खासियत

डोबरा-चांठी पुल ने आकार लेने में सालों का वक्त लिया। लंबे इंतजार के बाद बने पुल की क्षमता 16 टन भार सहन करने की है।

uttarakhand, bridge, trivendra singh rawatइस पुल के अस्तित्व में आने के बाद लाखों लोगों को लाभ होगा। फोटो सोर्स – Twitter, @tsrawatbjp

रविवार को देश के सबसे लंबे मोटरबेल डोबरा चांठी झूला पुल का उद्घाटन किया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस पुल के उद्घाटन के बाद इसके बारे में कई ट्वीट किया। एक ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि ‘आज देश के सबसे लंबे मोटरेबल डोबरा चांठी झूला पुल का उद्घाटन किया। यह विकास का बड़ा द्वार है। भविष्य में यह स्थान पर्यटन के क्षेत्र में देश-दुनिया में जाना जाएगा। मुझे इसका लोकार्पण करते हुए बेहद खुशी हो रही है।’

सीएम ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि ‘देश का सबसे लंबा मोटरेबल डोबरा चांठी झूला पुल 100 से ज्यादा गांवों को जोड़ने का कार्य करेगा। यह स्थान पुरानी टिहरी की कमी दूर करने का काम भी करेगा और आपसी भाईचारा संस्कृति भी जिंदा होगी। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध टिहरी झील पर बने देश के सबसे लंबे डोबरा-चांठी मोटरेबल झूला पुल विकास का बड़ा द्वार है। भविष्य में यह स्थान पर्यटन के क्षेत्र में देश-दुनिया में जाना जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का केंद्र भी बनेगा।’

सीएम ने कहा कि ‘ग्रामीणों की तकलीफ समझते हुए हमारी सरकार ने इस देश के सबसे लंबे डोबरा-चांठी मोटरेबल झूला पुल को अपनी प्राथमिकताओं में रखा और 440 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण में आ रही धन की कमी को दूर करते हुए एकमुश्त 88 करोड़ रुपए स्वीकृत किए।’

पुल की हैं कई खूबियां:
बताया जा रहा है कि इसमें ऐसी कई खूबियां हैं, जो इसे दूसरे सस्पेंशन ब्रिज से अलग बनाती हैं। डोबरा-चांठी पुल ने आकार लेने में सालों का वक्त लिया। लंबे इंतजार के बाद बने पुल की क्षमता 16 टन भार सहन करने की है। पुल की चौड़ाई 7 मीटर है। जिसमें मोटर मार्ग की चौड़ाई 5.5 मीटर और फुटपाथ की चौड़ाई 0.75 मीटर है। डोबरा-चांठी पुल की उम्र करीबन 100 साल तक बताई जा रही है। इस पुल के उद्घाटन के साथ करीब ढाई लाख की आबादी का 14 सालों का इंतजार भी खत्म हो गया है। अब प्रतापनगर की जनता कम समय में जिला मुख्यालय आ-जा सकेगी।

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