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उत्तराखंडः सरकारी चॉपर से कार्यक्रम में पहुंचे BJP प्रदेशाध्यक्ष को मिला ‘गार्ड ऑफ ऑनर’, शेयर किया था फोटो; पर बवाल बाद हटाना पड़ा

बीजेपी ने मदन कौशिक और प्रशासन का बचाव किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा है कि मदन कौशिक पिछले कई साल से लगातार मंत्री रहे हैं। प्रशासन ने भूल के कारण गार्ड ऑफ ऑनर दे दिया है।

BJP, Uttarakhand, Guard of Honor‘गार्ड ऑफ ऑनर’ लेते हुए उत्तरखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष (फोटो सोर्स- Twitter @NasirKhuehami)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक चर्चाओं में हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सरकारी चॉपर से बागेश्वर पहुंचे कौशिक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने स्वयं ही तस्वीर को शेयर किया था, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा सवाल खड़े करने पर उन्होंने तस्वीर हटा ली थी।

गार्ड ऑफ ऑनर देने के मुद्दे पर एसपी अमित श्रीवास्तव ने कहा है कि सुरक्षा कारणों से पुलिस को हैलीपैड पर भेजा गया था। लेकिन गार्ड ऑफ ऑनर का कोई सवाल ही नहीं था। पुलिस लाइन में जो आरआई थे वो छुट्टी पर थे प्रभारी आरआई ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया है पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है। जिसकी भी गलती होगी कार्रवाई की जाएगी। त्रिवेंद सिंह रावत के कैबिनेट में दूसरे नंबर के मंत्री रहे मदन कौशिक को नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।

बीजेपी ने मदन कौशिक और प्रशासन का बचाव किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा है कि मदन कौशिक पिछले कई साल से लगातार मंत्री रहे हैं। प्रशासन ने भूल के कारण गार्ड ऑफ ऑनर दे दिया है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। गलती किसी से भी हो सकती है।

इधर विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार पर एक बार फिर से हमला बोला है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा है कि भाजपा सत्ता के मद में चूर है। भाजपा नेता लगातार सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

बताते चलें कि इससे पहले मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी एक के बाद एक विवादित बयान दिया था। पहले उन्होंने महिलाओं के कपड़ों को लेकर बयान दिया था बाद में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि भारत 200 साल तक अमेरिका का गुलाम रहा था।

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