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UP: 234 करोड़ रुपए की लागत से गोरखपुर में बनेगा चिड़ियाघर, नाम होगा ‘अशफाक उल्ला खां’

यूपी सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि,"गोरखपुर में एक चिड़ियाघर की स्थापना के साथ ही इस क्षेत्र को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा और इससे गोरखपुर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचाना जाएगा। इस परियोजना पर 234 करोड़ रुपये की लागत आएगी।"

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, फोटो सोर्स- indian express

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक लोक भवन में आयोजित की गई, जिसमें गोरखपुर में एक चिड़ियाघर के निर्माण सहित कुल छह प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार के एक प्रेस नोट में कहा गया है कि,”कैबिनेट ने गोरखपुर में शहीद अशफाकउल्ला खान चिड़ियाघर के निर्माण कार्य के बारे में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा स्थायी मासिक भत्ते के संबंध में राज्य वेतन समिति 2016 द्वारा की गई सिफारिशों को स्वीकार किया गया। (निश्चित यात्रा भत्ता) को मंजूरी दी गई थी।”

गोरखपुर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा: बता दें कि कैबिनेट ने गोरखपुर में शहीद अशफाकुल्ला खान चिड़ियाघर के निर्माण के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रवक्ता ने बताया कि गोरखपुर में एक चिड़ियाघर की स्थापना के साथ ही इस क्षेत्र को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा और इससे गोरखपुर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचाना जाएगा। इस परियोजना पर 234 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसे सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई है। यह चिड़ियाघर 121.34 एकड़ में प्रस्तावित है।

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1.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को होगा लाभ: जारी प्रेस नोट के अनुसार राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने मीडिया को बताया कि कैबिनेट ने 1 नवंबर, 2012 से स्थायी मासिक भत्ते (निश्चित यात्रा भत्ते) के बारे में लागू दरों को संशोधित करने का फैसला किया है। इस फैसले से विभिन्न राज्य विभागों में काम करने वाले 1.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा । स्थायी मासिक भत्ता (निर्धारित यात्रा भत्ता) की संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक खर्च आएगा।

सीएचसी और पीएचसी के गिरने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी: साथ ही इस चिड़ियाघर में पर्यटक यातायात में वृद्धि के कारण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि प्रयागराज जिले के बहादुरपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम कोटवा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के निर्माण के लिए पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में स्थित भवनों के गिराने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

ई-लॉटरी के माध्यम से भांग की दुकान को व्यवस्थित किया जाएगा: इसके अलावा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में चिकित्सा प्रौद्योगिकी के छात्रों के लिए 200 बिस्तरों वाले छात्रावास के निर्माण के प्रस्ताव को भी कैबिनेट में मंजूरी दी । वर्तमान में 60 छात्रों के ठहरने की व्यवस्था है। आबकारी नीति 2019-2020 में, ई-लॉटरी के माध्यम से भांग की खुदरा दुकानों को व्यवस्थित करने का प्रावधान किया गया है।

‘दिव्यांग’ शब्द ‘डिसेएबल’ के स्थान पर लिखा जाएगा: कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय अधिनियम 2001 में संशोधन करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसके तहत ‘दिव्यांग’ शब्द ‘डिसेएबल’ के स्थान पर लिखा जाएगा। इसके साथ ही जो सहायता राशि अब तक नहीं दी गई थी, वह उन्हें प्रदान की जाएगी।

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