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यूपी: पादरी बोले- जय श्री राम का नारा लगाते आए, हॉकियों से पीटा; महिलाओं के कपड़े फाड़ डाले

'पादरी मुकदमा दर्ज कराने में डर रहे थे इसलिए वे अगले दिन पुलिस स्टेशन आए। मैंने पादरियों को जमानत भी दे दी। अगर उन्होंने कोई धार्मिक कार्यक्रम रखा था तो उन्हें पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी।'

Author November 2, 2018 11:36 AM
घटना के दौरान कुछ ऐसा था मौके पर नजरा। (पीड़ित पास्टर द्वारा उपलब्ध कराया गया फोटो)

उत्तर प्रदेश के आगरा में कुछ पादरियों को धर्मांतरण कराने के आरोप लगाकर पीटने का मामला सामने आया था। पुलिस ने वारदात के 5 घंटे के अंदर 7 पादरियों पर मुकदमा दर्ज किया। इन पर दो समुदायों के बीच धार्मिक आधार पर कटुता पैदा करने का आरोप है। हालांकि, जिन लोगों पर इन पादरियों को पीटने का आरोप है, उन पर मुकदमा दर्ज करने में 24 घंटे से ज्यादा वक्त लग गया। पिटाई के शिकार हुए एक पादरी ने 8 लोगों के खिलाफ नामजद, जबकि 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इनमें में से कुछ के संबंध विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से होने की बात सामने आई है।

पादरी रवि कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि मंगलवार को आगरा के एक होटल में आयोजित मीटिंग में 20 से 25 लोग ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए घुस आए। शिकायत के मुताबिक, इन लोगों ने पादरियों को हॉकी से पीटा। इसके अलावा, मीटिंग में शामिल महिलाओं के कपड़े फाड़ डाले और उन्हें बालों से पकड़कर घसीटा। वहीं, ताजगंज पुलिस का कहना है कि वे होटल में धर्मांतरण किए जाने के आरोपों की जांच कर रहे हैं।

वहीं, ‘विभिन्न दक्षिणपंथी समूहों’ के आरोपियों के खिलाफ जांच फिलहाल शुरू नहीं हुई है, क्योंकि वे ‘फरार’ हैं। विश्व हिंदू परिषद के एक पदाधिकारी ने कहा कि उन्होंने हालात ‘हाथ से बाहर’ हो गए तो उन्होंने कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग करने के लिए ‘दो कार्यकर्ता’ भेजे थे।

पादरी की शिकायत पर केस दर्ज होने में देर होने के आरोप पर ताजगंज के एसएचओ विनोद कुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘पादरियों के खिलाफ लगे आरोप कोई बड़ी बात नहीं है। इसके अलावा, कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने वाले आरोपियों के खिलाफ ज्यादा धाराओं में एफआईआर हुई है। पादरी मुकदमा दर्ज कराने में डर रहे थे, इसलिए वे अगले दिन पुलिस स्टेशन आए। मैंने पादरियों को जमानत भी दे दी। अगर उन्होंने कोई धार्मिक कार्यक्रम रखा था तो उन्हें पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। ऐसी स्थिति में हम उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात कर सकते थे।’

वहीं, निजी मुचलकों पर मंगलवार को रिहा हुए पादरियों ने दावा किया कि कार्यक्रम यूपी फैमिली चर्च के बैनर तले मीटिंग का आयोजन हुआ था। पादरियों का कहना है कि वे क्रिसमस के आयोजन की रुपरेखा तैयार करने के लिए इकट्ठे हुए थे। कुमार के मुताबिक, विभिन्न चर्चों के पादरियों के अलावा 100 से ज्यादा लोग होटल समोवर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसमें केरल से आए कुछ पादरी भी शामिल थे। कुमार की एफआईआर के मुताबिक, ‘शाम साढ़े 4 बजे के करीब हॉकियों से लैस 20 से ज्यादा लोग बेसमेंट में पहुंचे जहां कार्यक्रम हो रहा था। वे जय श्री राम के नारे लगा रहे थे और उन्होंने गालीगलौच भी की। तीन महिलाओं के साथ छेड़खानी भी हुई। यहां तक कि उनके कपड़े फाड़ डाले गए।’

वहीं, पादरियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे के मुताबिक, ‘हमने होटल समोवर में सत्संग होने के बारे में सुना और हम वहां गए। सत्संग में उन्होंने ईसाई धर्म की तारीफ की जबकि हिंदू धर्म का अनादर किया। उन्होंने हिंदू धर्म के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।’ इस मुकदमे में लड़ाई का कोई जिक्र नहीं है। इसमें कहा गया है कि शिकायतकर्ता और कुछ लोगों ने ‘उनकी धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले कुछ लोगों को’ पुलिस स्टेशन ले आए। उधर, पुलिस के मुताबिक, होटल से जानकारी मिली है कि जहां कार्यक्रम हो रहा था, वहां कोई सीसीटीवी नहीं लगा था।

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