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उत्तर प्रदेश: गौ तस्करी के मामले में पुलिस-भाजपा विधायक के कार्यकर्ता भिड़े, एक की मौत

भाजपा विधायक का आरोप था कि पुलिस ने गलत गिरफ्तारी की है। उन्होंने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

Author बलिया | August 13, 2016 13:13 pm
उत्तर प्रदेश का बलिया जिला। (गूगल फोटो)

उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के नरही क्षेत्र में शुक्रवार (12 अगस्त) देर रात गौ तस्करी के मामले में पुलिस की गिरफ्तारी को लेकर भड़के भाजपा विधायक के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में एक भाजपा कार्यकर्ता की मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने शनिवार (13 अगस्त) यहां बताया कि नरही थाना क्षेत्र में पुलिस ने पशु तस्करी के मामले में शुक्रवार (12 अगस्त) को पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार (12 अगस्त) को भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी अपने समर्थको एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नरही थाना के सामने धरने पर बैठ गए थे। विधायक का आरोप था कि पुलिस ने गलत गिरफ्तारी की है। उन्होंने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना कर रहे भाजपा विधायक से कई दौर में वार्ता की और उनसे थाने के सामने चल रहे धरने को समाप्त करने का अनुरोध किया लेकिन भाजपा विधायक नहीं माने। इसके बाद शुक्रवार (12 अगस्त) रात्रि 10 बजे पुलिस ने धरना कर रहे भाजपा समर्थकों को हटाने का प्रयास किया तो भाजपा समर्थक हिंसा पर उतारू हो गए और उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। झा ने बताया कि स्थिति विस्फोटक होने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। आँसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां चलाई।

इस बीच भाजपा के जिलाध्यक्ष विनोद दुबे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठीचार्ज किया और गोलियां चलाईं। इस दौरान गोली लगने से भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की मौत हो गई तथा 50 से अधिक अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता की मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई क्योंकि पुलिस ने गोलियां चलायी ही नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता की मौत कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो पाएगा।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में नरही थाना में भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी सहित 35 नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ भारतीय दण्ड विधान की धाराओं 147, 148, 149, 307, 353, 336 और 7 आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करके छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विधायक उपेंद्र तिवारी फरार हैं। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष दुबे ने बताया कि विधायक पुलिस लाठीचार्ज में गम्भीर रूप से घायल हो गए हैं तथा अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।

इस बीच इस घटना के मद्देनजर जनपद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिले की पुलिस के अलावा चार कंपनी पीएसी, 500 पुलिस कांस्टेबल, एक अपर पुलिस अधीक्षक और छह पुलिस उपाधीक्षकों को तैनात किया गया है। आजमगढ़ के पुलिस उपमहानिरीक्षक धर्मवीर यादव शुक्रवार (12 अगस्त) रात ही यहां आ गए। उन्होंने बताया कि इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होगी तथा पुलिस की गलती सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार (12 अगस्त) देर रात्रि पार्टी जिलाध्यक्ष दुबे से फोन पर बातचीत करके उनसे मामले की जानकारी ली। दुबे ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व ने पुलिसिया जुल्म के खिलाफ पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि भाजपा इस मामले में आर पार की लड़ाई लड़ेगी।

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