पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी पर राजद्रोह का केस, योगी सरकार की तुलना “राक्षस-शैतान” से कराने का आरोप

कुरैशी (81) कांग्रेस के एक वरिष्ठ सदस्य थे, जिन्होंने 2014-15 में मिजोरम के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उनके पास कुछ समय के लिए उत्तर प्रदेश का प्रभार भी था।

aziz qureshi, bjp, yogi adityanath
यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी और मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ प्रदेश सरकार के विरोध में कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए राजद्रोह और धर्म के आधार पर दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने की कोशिश करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुरैशी पर के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 153 ए (धर्म, जाति, आदि के आधार पर दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 153बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ प्रभाव डालने वाला भाषण देना), 124ए (राजद्रोह), और 505 1 बी- (सार्वजनिक शांति के विरूध्द अपराध करने के आशय से असत्य कथन) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाजपा नेता आकाश कुमार सक्सेना ने रविवार को रामपुर के सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सक्सेना ने आरोप लगाया कि कुरैशी सपा नेता आजम खान के घर गये और उनकी पत्नी तज़ीन फातमा से मिलने के बाद अपमानजनक बयान दिया और योगी आदित्यनाथ सरकार की तुलना “राक्षस, शैतान और खून पीने वाले दरिन्दे” (राक्षस) से की।

उन्होंने शिकायत में कहा, “कुरैशी ने अपने बयान में आजम के खिलाफ कार्रवाई को इंसान और दानव के बीच की लड़ाई करार दिया। यह बयान दो समुदायों के बीच तनाव और समाज में अशांति पैदा कर सकता है।” शिकायत के साथ सक्सेना ने पुलिस को विभिन्न चैनलों में प्रसारित कुरैशी के बयान की पेन ड्राइव भी दी है।

कुरैशी (81) कांग्रेस के एक वरिष्ठ सदस्य थे, जिन्होंने 2014-15 में मिजोरम के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उनके पास कुछ समय के लिए उत्तर प्रदेश का प्रभार भी था। पुलिस के अनुसार कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही हैं और कानून के के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

विकास दुबे के मुख्‍य फाइनेंसर पर रासुका के तहत कार्रवाई: कानपुर जिले के पुलिस-प्रशासन ने चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू निवासी कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे के मुख्‍य फाइनेंसर जयकांत वाजपेयी और उसके सहयोगी प्रशांत शुक्‍ला के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की है। बिकरू कांड के करीब 14 माह बाद जिलाधिकारी की संस्‍तुति के बाद जेल में बंद दोनों आरोपियों को रासुका की नोटिस तामील कराई गई है।

पुलिस अधीक्षक (कानपुर बाहरी) अष्टभुजा पी सिंह ने कहा कि जयकांत और उसके सहयोगी प्रशांत उर्फ डब्बू के खिलाफ रासुका लागू करने के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी (कानपुर) आलोक तिवारी के समक्ष प्रस्तुत की गई, उन्होंने रासुका के लिए मंजूरी दी थी। एसपी ने बताया कि डीएम की स्वीकृति के बाद शनिवार को जिला जेल में बंद जयकांत और उसके सहयोगी प्रशांत शुक्ला को भी रासुका का नोटिस जारी किया गया।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।