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मां सीता का जिक्र कर बोले यूपी के डिप्टी सीएम- रामायण के वक्त थी टेस्ट ट्यूब बेबी की तकनीक

डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा, "लोग कहते हैं कि सीता जी का जन्म मिट्टी के घड़े से हुआ था, इसका मतलब यह है कि रामायण काल में टेस्ट ट्यूब बेबी जैसी ही पद्धति मौजूद रही होगी।" उन्होंने कहा कि जिस तरह राजा जनक ने उन्हें एक घड़े से निकाला उसे देखकर कहा जा सकता है कि आज के दौर से कहीं ज्यादा तकनीकी विकास रामायण और महाभारत काल में थी।

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा।

बीजेपी के बयान बहादुरों की कैटेगरी में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा भी आ गये हैं। 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर चर्चा के दौरान महाभारत काल में लाइव प्रसारण की व्यवस्था होने का दावा करने वाले उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने गुरुवार (31 मई) को कहा कि ‘मां सीता टेस्ट ट्यूब बेबी हैं।’ गुरुवार को दिनेश शर्मा लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘इंडिया स्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता-2018’ के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। दिनेश शर्मा ने कहा, “लोग कहते हैं कि सीता जी का जन्म मिट्टी के घड़े से हुआ था, इसका मतलब यह है कि रामायण काल में टेस्ट ट्यूब बेबी जैसी ही पद्धति मौजूद रही होगी।” उन्होंने कहा कि जिस तरह राजा जनक ने उन्हें एक घड़े से निकाला उसे देखकर कहा जा सकता है कि आज के दौर से कहीं ज्यादा तकनीकी विकास रामायण और महाभारत काल में थी।

बता दें कि इससे पहले 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के मौके पर उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की शुरूआत महाभारत काल में ही हो गयी थी और पौराणिक पात्रों ‘संजय’ और ‘नारद’ को वर्तमान समय में लाइव प्रसारण तथा गूगल से जोड़कर देखा जा सकता है। ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शर्मा ने 1826 में पत्रकारिता शुरु होने के दावों समेत अन्य तथ्यों को एक तरफ रखते हुए दावा किया कि भारत में तो पत्रकारिता सदियों पूर्व महाभारत के काल में ही शुरु हो गयी थी। उन्होंने दावा किया, ‘‘इतना ही नहीं मोतियांबिंद का ऑपरेशन, प्लास्टिक सर्जरी, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत, परमाणु परीक्षण और इंटरनेट जैसी तमाम आधुनिक प्रक्रियाएं पौराणिक काल में शुरू हुई थीं।”

उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘महाभारत काल में युद्ध के दौरान संजय द्वारा धृतराष्ट्र को महल में बैठे-बैठे युद्ध के मैदान का आंखों देखा हाल सुनाया जाता था। यह आज के समय टीवी पर होने वाला सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) नहीं है तो और क्या है।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘आज जिस गूगल को आप लोग हर विषय के जानकार के रूप में जानते हैं, महाभारत काल में एक विशेष चरित्र हुआ करता था ‘नारद’ मुनि। जो कभी भी, कहीं भी पहुंच जाते थे और हर समस्या का निदान सुझा देते थे। वह भी केवल तीन बार नारायण-नारायण, बोलकर। पल भर में कोई भी संदेश कहीं भी पहुंचा देते थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने गौरवशाली अतीत को कभी नहीं भूलना चाहिए।’’ उप मुख्यमंत्री ने देश में प्रेस की आजादी की सराहना की और कहा कि सरकारों को मीडिया के लोगों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना चाहिए।

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