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उत्तर प्रदेश: दलित अफसर ने घर में लगा ली फांसी! सुसाइड नोट में लगाया जातिगत टिप्पणी और अपमान का आरोप

पिता ने बताया कि कुमार को 28 अगस्त को किसान संगठन के कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत किया गया और उन पर जातिगत टिप्पणियां की गईं।

Author नई दिल्ली | September 7, 2019 9:45 AM
suicideप्रतीकात्मक तस्वीर

यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में एक 23 साल के ग्राम विकास अधिकारी ने कथित तौर पर अपने आवास पर सुसाइड कर लिया। इससे कुछ दिन पहले ही अधिकारी को कथित तौर पर एक किसान संगठन के कार्यक्रम के दौरान जातिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया है। इसमें मृतक त्रिवेद कुमार ने कथित तौर पर किसान यूनियन और दो ग्राम प्रधानों के परिवार के सदस्यों पर उत्पीड़न और जातिगत टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है।

कुमार के परिवार ने आरोप लगाया कि वह 28 अगस्त को लखीमपुर खीरी के गोला ब्लॉक में भारतीय किसान यूनियन- लोकतांत्रिक (BKU-L) की एक बैठक में ज्ञापन स्वीकार करने गए थे। लखीमपुर खीरी के रहने वाले कुमार 8 महीने पहले ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नियुक्त हुए थे। वह अविवाहित थे और अपने परिवार के साथ शिव सागर कॉलोनी में रहते थे।

सीओ शहर विजय आनंद ने बताया कि गुरुवार सुबह कॉल आने के बाद पुलिस की एक टीम कुमार के घर पहुंची। पुलिस को उनका शरीर कमरे में एक हुक पर लगी रस्सी से झूलते हुए मिला। शरीर को नीचे उतारा गया और ऑटोप्सी के लिए भेज दिया गया। इसमें पुष्टि हुई कि मौत फंदा लगाने की वजह से हुई।

पुलिस के मुताबिक, कुमार के पिता कोमल प्रसाद ने आरोप लगाया कि देवरिया गांव के प्रधान के बेटे हरदेव सिंह, रसूलपुर गांव की प्रधान के पति जुबैर अहमद और रसूलपुर के निवासी गयासुद्दीन उनके बेटे का उत्पीड़न करते थे। उनका बेटा देवरिया और रसूलपुर ग्राम पंचायत का प्रभारी था। प्रसाद ने आरोप लगाया कि आरोपी उनके बेटे को धमकाते थे और पैसे मांगते थे।

पिता ने बताया कि कुमार को 28 अगस्त को किसान संगठन के कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत किया गया और उन पर जातिगत टिप्पणियां की गईं। प्रसाद के मुताबिक, सोशल मीडिया पर भी उनके बेटे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और धमकाया गया।

पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में BKU-L के अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान और अन्य पदाधिकारी भी शामिल हैं। आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। आरोपियों में प्रधानों के रिश्तेदार भी शामिल हैं।

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