ताज़ा खबर
 

दो साल पहले हिंदू-मुस्लिम बच्चे साथ-साथ खेलते थे, अब खाई इतनी बढ़ गई कि एक दूसरे को देखना पसंद नहीं

एक ग्रामीण ने बताया कि पहले स्थिति काफी अच्छी थी और हिंदू और मुस्लिम मिलजुलकर अच्छे और बुरे वक्त में एक-दूसरे के साथ होते थे, लेकिन अब एक गांव में रहते हुए भी दोनों समुदाय के लोग अलग-अलग जीवन जी रहे हैं।

बुलंदशहर हिंसा के बाद से इलाके के गांवों में सांप्रदायिक खाई ज्यादा चौड़ी हुई है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश के एक गांव में बीते कुछ सालों के दौरान हिंदू-मुस्लिम सुमदाय के बीच की खाई काफी चौड़ी हो गई है। हालात ये हो गए हैं कि 2 साल पहले जहां दोनों समुदायों के बच्चे साथ-साथ खेलते थे, वहां अब लोग एक-दूसरे को देखना भी पसंद नहीं कर रहे हैं। बता दें कि यह गांव बुलंदशहर जिले का नयाबांस है, जहां बीते दिनों गोकशी को लेकर हुई हिंसा में पुलिस अधिकारी समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। न्यूज एजेंसी रायटर्स के अनुसार, बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो सालों के दौरान गांव में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण तेजी से हुआ है और डर के मारे लोग अब गांव से पलायन भी करने लगे हैं। गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि यदि केन्द्र में भाजपा की सरकार फिर से सत्ता में आती है तो दोनों संप्रदायों के बीच का अविश्वास और ज्यादा बढ़ सकता है। एक ग्रामीण ने बताया कि पहले स्थिति काफी अच्छी थी और हिंदू और मुस्लिम मिलजुलकर अच्छे और बुरे वक्त में एक-दूसरे के साथ होते थे, लेकिन अब एक गांव में रहते हुए भी दोनों समुदाय के लोग अलग-अलग जीवन जी रहे हैं।

बता दें कि इस वक्त केन्द्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की योगी सरकार सत्ता पर काबिज है। हालांकि भाजपा सांप्रदायिक ध्रवीकरण के आरोपों से इंकार करती है। खबर के अनुसार, गांव में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बीते साल की उस घटना के बाद से बढ़ा है, जब इलाके में कुछ लोगों ने गोकशी की घटना के बाद हाइवे को जाम कर दिया था। जब पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो हालात बिगड़ गए और हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में एक स्थानीय युवक समेत एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। पुलिस अधिकारी की हत्या का आरोप भीड़ में शामिल कुछ लोगों पर लगा था। उस घटना को करीब 5 माह बीत चुके हैं, लेकिन गांव में तनाव को अभी भी महसूस किया जा सकता है।

नयाबांस गांव में हिंदू मुस्लिमों के बीच पहली बार मतभेद नहीं हुए हैं। इससे पहले साल 1977 में भी गांव में मस्जिद निर्माण को लेकर दंगे हुए थे, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि समय के साथ लोग उस घटना को भूलकर आगे बढ़ गए, लेकिन अब गोकशी की घटना के बाद हुई हिंसा के बाद से फिर से तनाव बढ़ गया है। हिंसा के बाद से कुछ लोगों ने गांव छोड़ दिया है और मुस्लिम बहुल इलाकों में रहने चले गए हैं। एक युवक ने बताया कि पहले हिंदू और मुसलमान युवक सभी साथ में क्रिकेट खेलते थे, लेकिन अब काफी समय से यह भी बंद हो गया है और दोनों समुदायों के बीच अविश्वास काफी गहरा गया है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Loksabha Election 2019: इन पांच लोकसभा क्षेत्रों से खुलता है सत्ता का दरवाजा, जिनको वोट दिया उसी पार्टी की केंद्र में बनी सरकार
2 Election 2019: केरल बीजेपी अध्यक्ष बोले- एग्जिट पोल सही साबित हुए तो मानूंगा यहां के मतदाता जागरूक नहीं
3 Lok Sabha Election 2019: कुशवाहा के ‘खून बहाने’ की धमकी पर भड़के पासवान, बोले- फिर होगा Tit-for-Tat