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CAA के खिलाफ प्रदर्शन करनेवाले 11 लोगों को यूपी सरकार ने थमाया नोटिस, 50-50 लाख रुपये का बॉन्ड भरने के आदेश

प्रशासन ने स्थानीय पुलिस की एक रिपोर्ट के आधार पर सीआरपीसी की धारा 111 (किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मजिस्ट्रेट आदेश जिससे शांति भंग होने की संभावना है) के तहत नोटिस भेजा है।

Author लखनऊ | Updated: February 12, 2020 8:01 AM
यूपी सरकार ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को 50-50 लाख रुपये का बॉन्ड भरने का आदेश दिया है। (फाइल फोटो)

CAA Protest: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने नखासा थाना क्षेत्र में नए नागरिकता कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे 11 लोगों को नोटिस जारी किया है। प्रदर्शनकारियों को कहा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति 50 लाख रुपये के निजी बांड पर हस्ताक्षर करें जिसमें ये लिखा हो कि आगे शांति बनी रहेगी।

प्रशासन ने स्थानीय पुलिस की एक रिपोर्ट के आधार पर सीआरपीसी की धारा 111 (किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मजिस्ट्रेट आदेश जिससे शांति भंग होने की संभावना है) के तहत नोटिस भेजा है।

नखासा के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने कहा, “11 व्यक्तियों को जारी नोटिस में कहा गया है कि पुलिस को संदेह है कि वे हिंसा में शामिल हो सकते हैं और इसलिए 50 लाख रुपये का एक व्यक्तिगत बांड और उतनी राशि के लिए दो जमानतदार उनमें से प्रत्येक से ली जानी चाहिए। अन्य 24 लोगों को भी जल्द ही नोटिस भेजे जाएंगे।”

पुलिस के मुताबिक, पिछले महीने से नखासा थाना क्षेत्र के हुसैना बाग के पास एक खेत में करीब 500 महिलाएं एक विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं। नखासा पुलिस थाने के एसएचओ देवेंद्र सिंह धामा ने कहा कि पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश देने के लिए अवज्ञा) और 505 (सार्वजनिक दुर्व्यवहार की निंदा करने वाला बयान) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

घामा ने आगे कहा कि कुछ दिनों पहले 36 लोगों का नाम शामिल करते हुए एक रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई थी, जिसमें अनुरोध किया गया था कि इन व्यक्तियों को एक बांड पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सीआरपीसी की धारा 107/116 के तहत शांति बनाए रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर महिला प्रदर्शनकारी हैं जिनकी मदद पुरुष कर रहे हैं। हमने प्रारंभिक जांच के आधार पर एक सूची तैयार की है।

पिछले साल 19 और 20 दिसंबर को संभल में नए नागरिकता कानून के विरोध में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। हिंसा के संबंध में 12 एफआईआर दर्ज की गईं और 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कुछ आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

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