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कानपुर: DM बोले- कोरोना से 3 मौतें, अखबार का दावा- 476 शव जले, श्‍मशान के पार्क में भी जलीं च‍िताएं

गुरुवार को कानपुर नगर के जिला अधिकारी  के द्वारा पेश किए गए कोरोना के आंकड़ों में सिर्फ 3 मौतें ही दिखाई गई। जबकि हकीकत इससे काफी उलट थी।

uttarpradesh, corona, dead bodiesगुरुवार को कानपुर में करीब 476 शव जले जबकि स्थानीय प्रशासन ने कोरोना की वजह से सिर्फ 3 मौतों के होने की बात कही। (फोटो – पीटीआई)

कोरोना की दूसरी लहर ने उत्तर प्रदेश में भयावह स्थिति पैदा कर दी है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के कानपुर में प्रशासन ने कोरोना की वजह से सिर्फ 3 मौतों के होने का दावा किया। जबकि उत्तप्रदेश के एक अख़बार ने दावा किया कि गुरुवार को कानपुर में अलग अलग श्मशान घाटों पर करीब 476 शव जले। इतना ही नहीं शवों की कतार लंबी होने की वजह से श्मशान के पार्क में भी कई शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ा।

गुरुवार को कानपुर नगर के जिला अधिकारी  के द्वारा पेश किए गए कोरोना के आंकड़ों में सिर्फ 3 मौतें ही दिखाई गई। जबकि हकीकत इससे उलट थी। अमर उजाला अख़बार के अनुसार गुरुवार को कानपुर में करीब 476 शवों के अंतिम संस्कार किए गए। श्मशान घाट पर जगह कम पड़ने की वजह से पार्को और गंगा किनारे के रेतों पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। इतना ही नहीं गुरुवार को सूर्यास्त के बाद भी शवों का अंतिम संस्कार होता रहा।  

सामान्य दिनों में कानपुर के श्मशान घाटों कर करीब 100 लाशों का अंतिम संस्कार होता है। जबकि गुरुवार को अकेले भैरोघाट पर ही करीब 62 शवों का अंतिम संस्कार वहां मौजूद शवदाह गृह में किया गया। कई अन्य शवों का अंतिम संस्कार लकड़ियों की मदद से भी किया गया। वहीं दूसरे अन्य श्मशान घाटों पर यही स्थिति थी। स्वर्गाश्रम और भगवत दास घाट पर भी करीब 50-50 शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

इतना ही नहीं कई घाटों पर लाशों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई थी कि करीब 20 से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार गंगा किनारे के रेतों पर करना पड़ा। वहीं कानपुर के ड्योढ़ी घाट पर भी करीब 70 लाशों का अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार को कई घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को चार -चार घंटे का इंतजार करना पड़ा। कहा यह भी जा रहा है कि गुरुवार से पहले कभी भी इतनी बड़ी संख्या में कानपुर के श्मशान घाटों पर लाशें जलती हुई दिखाई नहीं दी थी।

 

वहीं दिल्ली में भी कमोबेश यही स्थिति है। शुक्रवार को दिल्ली में कई श्मशान घाटों पर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई कि वहां आने वाली डेड बॉडी को वापस भेजा जाने लगा। कई श्मशान घाटों पर शुक्रवार सुबह से ही लंबी लाइन देखने को मिली। इसके अलावा कई घाटों पर तो दोगुनी क्षमता से शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। कई श्मशान घाटों पर सिर्फ कोरोना संक्रमितों के शव को जलाने की अनुमति दी गई है जिसकी वजह से बाकी घाटों पर काफी भीड़ हो रही है।

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