गुलाम बनाकर बेची-खरीदी गई, आतंकियों ने बार-बार किया रेप! इमान ने सुनाई ISIS के हैवानियत की कहानी

अब्दुल्ला और कुछ अन्य यज़ीदियों को पिछले सप्ताह मुंबई बुलाया गया था जहां उन्हें हार्मनी फाउंडेशन के वार्षिक मदर टेरेसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यहां अब्दुल्ला ने बताया “आईएसआईएस ने न केवल यज़ीदी लड़कियों को सेक्स स्लेव बनाया बल्कि उन्होंने हमें इस्लाम में भी परिवर्तित कर दिया था।

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स -इंडियन एक्सप्रेस)

इमान अब्दुल्ला 13 साल की थी जब ISIS के आतंकवादियों ने उनका अपहरण किया था। अपहरण के बाद उन्हें सेक्स स्लेव के रूप में कई बार बेचा गया। रेस्क्यू से पहले उनका कई बार रेप भी किया गया। इमान अब्दुल्ला यज़ीदी समुदाय से आती हैं जो के इराक में अल्पसंख्यक समुदाय माना जाता है। अब्दुल्ला ने मंगलवार को मीडिया को बताया कैसे उन्हें आईएसआईएस के आतंकवादियों के हाथों अनैतिक बर्बरता का सामना करना पड़ा।

अब्दुल्ला और कुछ अन्य यज़ीदियों को पिछले सप्ताह मुंबई बुलाया गया था जहां उन्हें हार्मनी फाउंडेशन के वार्षिक मदर टेरेसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यहां अब्दुल्ला ने बताया “आईएसआईएस ने न केवल यज़ीदी लड़कियों को सेक्स स्लेव बनाया बल्कि उन्होंने हमें इस्लाम में भी परिवर्तित कर दिया था। हमें शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से पीड़ित किया गया।” अब्दुल्ला यहां हुसैन अल क़ैदी के साथ आई थीं। अल क़ैदी यज़ीदियों को रेस्क्यू करने वाले कार्यालय के निदेशक हैं।

2014 में आईएसआईएस बलों ने इराकी शहर सिंजर पर कब्जा कर लिया। यहां उन्होंने यजीदियों के घर पर हमला बोला जिसके बाद अमेरिकी सेना ने आईएसआईएस से लड़ने के लिए कुर्द बलों के साथ गठबंधन किया। इस गठबंधन की मदद से आतंकवादियों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया और कई को जेल में डाल दिया गया। अक्टूबर 2019 में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तरी सीरिया से अमेरिकी सेना को वापस लेने की घोषणा की और कुर्द बलों को अपनी लड़ाई लड़ने के लिए छोड़ दिया।

अल क़ैदी ने कहा, “यूएस सेना के पीछे हटने से हम विश्वासघात महसूस कर रहे हैं। उनके पीछे हटने के बाद कुर्द बलों पर तुर्की के हमले बढ़ गए हैं। जिसके चलते कुर्दिश बलों ने कई आईएसआईएस आतंकवादियों को रिहा कर दिया है।” अल क़ैदी ने कहा कि हमें डर है कि रिहा हुए आईएसआईएस आतंकी फिर से यजीदियों पर हमला कर सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर कुर्द एक गर्वित नागरिक है और मुस्लिम, ईसाई और यजीदी पूरी तरह से सामंजस्य में रहते हैं और हर कोई आतंक मुक्त कुर्द के लिए तरस रहा है।

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