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रोहिंग्‍या को 3.2 अरब डॉलर की सहायता देगा अमेरिका, अन्‍य देशों से भी मदद की अपील

यह घोषणा विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से बात करने और रखाइन में हिंसा समाप्त करने की म्यांमार सरकार की प्रतिबद्धता का स्वागत करने के एक दिन बाद आई है।

Author नई दिल्ली | Published on: September 21, 2017 2:41 PM
रखाइन प्रांत में सेना की कार्रवाई के बाद म्यांमार से अब तक 6 लाख रोंहिग्या मुस्लिम अपना घर छोड़ कर सीमा पार कर बांग्लादेश चले गए।

म्यांमार में जारी हिंसा के कारण पड़ोसी देश बांग्लादेश पलायन करने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को अमेरिका मानवीय सहायता के तौर पर 3.2 करोड़ डॉलर की राशि देगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के कार्यवाहक सहायक सचिव सिमोन हेनशॉ ने न्यूयॉर्क में जारी संयुक्त राष्ट्र महासभा में बुधवार को कहा कि यह सहायता अप्रत्याशित पीड़ा से गुजर रहे रोहिंग्या मुसलमानों को मानवीय सहायता प्रदान करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता दर्शाता है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, सिमोन ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि उसका यह योगदान अन्य देशों को भी रोहिंग्या मुसलमानों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रेरित करेगा।

यह घोषणा विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से बात करने और रखाइन में हिंसा समाप्त करने की म्यांमार सरकार की प्रतिबद्धता का स्वागत करने के एक दिन बाद आई है। टिलरसन ने म्यांमार की सरकार और सेना से प्रभावित इलाकों में विस्थापितों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने और मानवाधिकार के उल्लंघनों के आरोपों को लेकर कदम उठाने का आग्रह किया है।

विदेश मंत्रालय ने साथ ही कहा कि इस सहायता से ‘विस्थापित हुए चार लाख से भी अधिक लोगों को आपातकालीन आश्रय, खाद्य सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुविधाएं, मनौवैज्ञानिक सहयोग, पानी, स्वच्छता आदि उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।’ हेनशॉ ने कहा कि बुधवार की घोषणा के बाद वित्त वर्ष 2017 में रोहिंग्या समेत म्यांमार के शरणार्थियों को अमेरिका द्वारा प्रदान की जाने वाली कुल सहायता राशि करीब 9.5 करोड़ डॉलर हो गई है।

बता दें, म्यांमार के रखाइन प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा के कारण 25 अगस्त से लेकर अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और म्यांमार से 410,000 से ज्यादा रोहिंग्या मुस्लिमों ने भागकर बांग्लादेश में शरण ले रखी है। रोहिंग्या मुस्लिमों का आरोप है कि उन पर म्यांमार की सेना हमला कर रही है, वह पूरे के पूरे गांवों को उजाड़ दे रही है। उनमें आग दे रही है और जवान लोगों को गोली मार रही है। इसके बाद यह संकट खड़ा हुआ। रोहिंग्या मुस्लिम म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश की ओर रुख कर रहे हैं। इसके बाद म्यांमार की वैश्विक स्तर पर आलोचना होने लगी है।

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