MEA ने शुक्रवार को भारत और अन्य रूसी तेल खरीदारों को निशाना बनाने वाले 100% टैरिफ बिल का 60 अमेरिकी सीनेटरों द्वारा समर्थन किए जाने पर जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें इस बारे में पता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और प्रस्तावित कानून के बारे में हमें पता है। विशेष रूप से फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों की संख्या के संदर्भ में। आज की तारीख में भारत और फारस की खाड़ी क्षेत्र के बीच नियमित आवागमन है; हमारे सात भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में मौजूद हैं, जिनमें भारत के फ्लैग वाले जहाज भी शामिल हैं। तेल खरीदने की बात करें तो, हम दुनिया के विभिन्न देशों से तेल खरीदते हैं। यह एनर्जी सोर्सिंग के प्रति हमारे रवैये पर आधारित है।”
चाबहार बंदरगाह पर बात करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा, “अगर आप इस मामले पर नजर रख रहे हैं तो आपको बता दें कि अमेरिका ने कुछ समय पहले छूट दी थी, वह छूट कुछ समय पहले खत्म हो गई। उसके बाद से हम संबंधित हितधारकों के साथ इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा कर रहे हैं। हमले की आशंका के बारे में पूछने पर MEA के प्रवक्ता ने कहा कि हमने इस संबंध में कुछ खबरें देखी हैं लेकिन हम आपको यह भी बता सकते हैं कि टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
UN सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी
UN सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने 13 तारीख को अपनी उम्मीदवारी का ऐलान किया। विदेश मंत्री न्यूयॉर्क में थे जहां उन्होंने सदस्यों को संबोधित किया और हमारे अभियान की शुरुआत की। हमने उन वजहों को भी बताया कि देशों को परिषद में भारत के दोबारा शामिल होने के लिए वोट क्यों देना चाहिए और हमें भरोसा है कि सभी सदस्य देश हमारी उम्मीदवारी पर विचार करेंगे।”
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने हमेशा कहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग हैं। वे भारत का अभिन्न अंग थे हैं और हमेशा रहेंगे।”
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जापान के पूर्व न्याय मंत्री और सत्तारुढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हिदेकी माकिहारा ने भारत-जापान शिंकांसेन (बुलेट ट्रेन) प्रोजेक्ट में देरी के लिए भारत को दोषी ठहराया था। विदेश मंत्रालय ने उनके जवाब पर पलटवार करते हुए इसे उनकी व्यक्तिगत राय और तथ्यों के परे बताया है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
