अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 13 भारतीयों की मौत हो चुकी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 13 भारतीय मारे गए हैं और तीन लापता हैं। हाल ही में खाड़ी के जलक्षेत्र में ईरान द्वारा किए गए अलग-अलग हमलों में दो भारतीय नागरिक मारे गए।
ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले के बाद रविवार को लापता हुए एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। ईरान द्वारा किए गए हमले के समय जीएफएस गैलेक्सी नामक पोत पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 10 को बचा लिया गया जबकि एक लापता है। मंगलवार को, एक और भारतीय नाविक मारा गया और 10 लोग घायल हो गए जब संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाले दो तेल टैंकरों पर तेहरान से गोलीबारी की गई।
इंजीनियर का शव भारत लाए जाने का इंतजार
ओमान तट के पास साइप्रस के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले में मारे गए पुणे के 30 वर्षीय इंजीनियर हेरंभ करमरकर का परिवार उनका शव भारत लाए जाने का इंतजार कर रहा है। कंटेनर पोत ‘जीएफएस गैलेक्सी’ पर रविवार तड़के उस समय हमला हुआ था, जब वह होर्मुज जलमार्ग से गुजर रहा था। करमरकर के परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह हमले के समय पोत पर सवार थे। उन्होंने बताया कि हमले में उनकी मौत के बाद से उनका शव ओमान की नौसेना के पास है। करमरकर के ससुर विवेक टंडन ने बुधवार को बताया, ”हम उनके शव का इंतजार कर रहे हैं जो अभी ओमान की नौसेना के पास है। हेरंभ पिछले पांच महीने से इस पोत पर तैनात थे और उनकी तैनाती की अवधि जल्द ही पूरी होने वाली थी।”
होर्मुज में भारतीय नाविकों पर हमले के बाद भारत सख्त
वहीं, दूसरी ओर भारत ने होर्मुज में भारतीय नाविकों पर हुए हमले को लेकर ईरान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस मामले में विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान के मिशन उप प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को तलब किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्रूज मिसाइलों के जरिये ईरान ने यूएई के दो तेल टैंकरों पर हमला किया। हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
