Trump on Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 6 महीने से सैन्य संघर्ष जारी है। इसके चलते पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है और लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे वक्त में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान होर्मुज जलमार्ग खोलने के लिए तैयार हो गया है क्योंकि ईरान का वित्तीय खजाना खाली हो चुका है, और उसके पास कमाई का कोई भी साधन नहीं है।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा है कि ईरान अब तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की स्थिति लगातार खराब हो रही है क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था में पैसों का प्रवाह रुक गया है, जबकि वे अपनी कमाई के लिए मुख्य रूप से इसी जलमार्ग पर निर्भर थे।

सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकाबंदी

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने खुद को जरूरत से ज्यादा होशियार समझने की कोशिश की थी। उन्होंने सोचा था कि इस जलमार्ग को बंद करके वे पूरी दुनिया के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर देंगे, लेकिन इसके जवाब में अमेरिका ने सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकेबंदी लागू कर दी, जो स्टील की एक मजबूत दीवार की तरह काम कर रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि इस सख्त कदम के बाद अब ईरान के पास पैसे खत्म हो गए हैं। जब ईरान ने इस जलमार्ग को बंद करने की योजना बनाई, तो अमेरिका ने भी स्पष्ट कर दिया कि यह नाकेबंदी केवल ईरान के लिए होगी, जबकि दुनिया के बाकी सभी देश इस मार्ग का उपयोग पहले की तरह कर सकेंगे।

ट्रंप बोले- स्वीकार नहीं किया समझौता

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से संबंधित ईरान के एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस से रवाना होते समय ट्रंप ने बताया कि ईरान की ओर से समझौता करने की पेशकश आई थी, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

ट्रंप ने कहा कि ईरान इस समय बहुत बड़े संकट और नुकसान का सामना कर रहा है, और इसी वजह से वह किसी भी तरह समझौता करके इस जलमार्ग को तुरंत दोबारा शुरू करवाना चाहता है।

अमेरिका-ईरान के बीच चल रही थी बातचीत

मामले से जुड़े एक सूत्र के हवाले से ब्लूमबर्ग ने जानकारी दी कि अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार एक ऐसे समझौते की संभावनाओं पर विचार कर रहे थे, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सके और वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी नाकेबंदी को हटा ले।

इससे पहले ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के समाप्त होने के बाद ईरान के खिलाफ अपना सैन्य बमबारी अभियान फिर से शुरू करने का विचार बना रहे हैं।

सात दिनों की उल्टी गिनती की कही गई बात

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने तेहरान पर अत्यधिक आर्थिक दबाव बनाने के उद्देश्य से यह नाकेबंदी लागू की है, ताकि इस रणनीतिक जलमार्ग में वाणिज्यिक और अन्य जहाजों पर होने वाले ईरानी हमलों को रोका जा सके।

इसी रिपोर्ट में आगे बताया गया कि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि यदि प्रस्तावित समझौते पर सहमति बनती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की प्रक्रिया के तहत सात दिनों की उल्टी गिनती शुरू कर दी जाएगी।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है जो ईरान की ओर से शांति लाने के लिए अमेरिका के सामने रखा था। प्रस्ताव में कहा गया था कि अगर अमेरिका मान जाता है तो होर्मुज जलमार्ग फिर से खुल सकता है और सात दिनों के भीतर पूरे मिडिल ईस्ट में लड़ाई खत्म हो सकती है। पढ़िए पूरी खबर…