Iran-US, Israel War: ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका का युद्ध चल रहा है, जिसके चलते मिडिल ईस्ट में तनाव है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आए दिन देखने को मिल रहा है। अमेरिका एक वक्त भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बना रहा था लेकिन अब अमेरिका ने खुद कहा है कि रूस से भारत 30 दिन तक तेल खरीद सकता है। इस बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत वैश्विक तेल की कीमतों को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।

नई दिल्ली में वॉशिंगटन के प्रतिनिधि सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, “भारत ने वैश्विक तेल की कीमतों को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने लिखा, “एक प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता और शोधक के रूप में भारत की भूमिका वैश्विक बाजार की स्थिरता के लिए इसके सहयोग को महत्वपूर्ण बनाती है।”

‘भारत-अमेरिका का साथ मिलकर काम करना जरूरी’

सर्जियो गोर ने कहा, “दुनिया भर में तेल की कीमतों को स्थिर बनाए रखने में भारत एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। अमेरिका मानता है कि रूस से तेल की निरंतर खरीद इसी प्रयास का हिस्सा है। भारत तेल के सबसे बड़े उपभोक्ताओं और शोधकों में से एक है और अमेरिकियों और भारतीयों के लिए बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका और भारत का मिलकर काम करना आवश्यक है।”

रूस से तेल खरीदने की कही थी बात

गौरतलब है कि सर्जियो गोर की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब व्हाइट हाउस ने दिन में पहले इस बात की पुष्टि की कि वाशिंगटन ने मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक आपूर्ति व्यवधान के बीच भारत को रूसी तेल शिपमेंट स्वीकार करने की अस्थायी अनुमति दे दी है। पत्रकारों से बात करते हुए व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा था कि इस फैसले को डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है।

लीविट ने कहा कि यह कदम प्रतिबंधित रूसी कच्चे तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के संबंध में भारत के पूर्व सहयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि भारत में हमारे सहयोगी देशों ने सकारात्मक रुख अपनाया है और पहले ही प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया था।

भारत के लिए छूट

अमेरिका ने यूरोपीय सहयोगियों को यह भी सूचित किया है कि रूसी तेल पर प्रतिबंधों में किसी भी तरह की व्यापक ढील काफी हद तक भारत को भेजे जाने वाले तेल की आपूर्ति तक ही सीमित होगी। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि वैश्विक कीमतों को कम करने के लिए तेल से संबंधित कुछ प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है।

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India-Bangladesh Oil Friendship: बांग्लादेश पर मेहरबानी की वजह क्या है? (Image Source: Indian Express/File Photo)

मेरिका और इजरायल के साथ ईरान की जंग भीषण होती जा रही है। इसकी वजह से ही पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। भारत में भी एलपीजी का संकट बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच ही मंगलवार को भारत अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश को पाइपलाइन के जरिए 5000 टन डीजल भेजेगा। इस जानकारी की पुष्टि बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन BPC के चेयरमैन मुहम्मद रेजानुर रहमान ने की है। क्लिक करके पढ़िए पूरी खबर…