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US: ट्रम्प प्रशासन ने टीसीएस और इंफोसिस पर H-1B VISA नियमों का उल्लंघन करने का लगाया आरोप

ट्रंप सरकार के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते व्हाइट में संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि कुछ बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियां लाटरी में ढेर सारे टिकट लगा देती हैं जिससे इस लॉटरी ड्रा में उनकी सफलता की गुंजाइश बढ़ जाती है।

Author Updated: April 23, 2017 8:16 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका ने शीर्ष भारतीय आईटी कंपनियों टीसीएस और इंफोसिस पर लॉटरी प्रणाली में ज्यादा टिकट डाल कर एच 1 बी वीजा का एक बड़ा हिस्सा हथियाने का आरोप लगाया है। अमेरिका का ट्रंप प्रशासन वीजा नियमों को और सख्त बनाने में लगा है। ट्रंप सरकार के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते व्हाइट में संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि कुछ बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियां लाटरी में ढेर सारे टिकट लगा देती हैं जिससे इस लॉटरी ड्रा में उनकी सफलता की गुंजाइश बढ़ जाती है।व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर डाली गयी बातचीत के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘संभवत: आप उनके नाम जान ही रहे होंगे । टाटा, इंफोसिस और कोग्निजेंट जैसी कंपनियां को सबसे ज्यादा एच 1 बी वीजा मिलता है। वे बहुत ज्यादा संख्या में वीजा के लिए अर्जी लगाती हैं। इसके लिए जतने वीजा मिलेंगे वे लॉटरी में ज्यादा टिकट डालकर बड़ी संख्या में वीजा हासिल कर लेती हैं। ’’

जब यह सवाल किया गया कि खाली भारतीय कंपनियों का ही उल्लेख क्यों किया जा रहा है तो व्हाइट हाउस का जवाब था कि सबसे ज्यादा वीजा जिन तीन कंपनियों को मिला है उनमें टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और कोग्निजेंट शामिल हैं।अधिकारी ने कहा, ‘‘इन तीनों कंपनियों में एच 1 बी वीजा वालों के लिए औसत तनख्वाह 60,000 से 65000 डालर (प्रतिवर्ष) है। इसके विपरीत सिलिकन वैली में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की औसत तनख्वाह करीब 150,000 डालर है। ’’तीनों भारतीय कपंनियों ने अमेरिका प्रशासन के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बता दें कि राष्ट्रपति बनने से पहले ही ट्रंप ने वीजा नियमों का सख्त बनाने का वादा किया था। ट्रम्प प्रशासन ने प्रवासियों को वीजा देने संबंधी नियमों में कई बदलाव किये हैं।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अमेरिकी प्रशासन के साथ एच-1बी वीजा मुद्दे पर बात की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन एच-1बी वीजा पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है। भारतीय वित्त मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी बयान के अनुसार, जेटली ने शनिवार को अमेरिकी वित्तमंत्री स्टीवन मनुचिन के साथ अपनी बैठक के दौरान इस मुद्दे को उठाया। बयान में कहा गया है, “वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भारतीय कुशल पेशेवरों के लिए एच-1बी वीजा का मुद्दा उठाया और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय कंपनियों और पेशेवरों द्वारा किए गए योगदान को रेखांकित किया।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल में हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश से यह मुद्दा सामने आया है, जिसमें एच-1बी वीजा पर नियंत्रण की संभावना का संकेत है।

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