विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका विदेश सचिव मार्को रूबियो के बीच रविवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधि स्तर की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में दोनों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मार्को रूबियो चार दिन के भारत दौरे पर आए हैं।
मीटिंग के पहले दौर के बाद मार्को रूबियो और एस. जयशंकर ने पत्रकारों से बात की। मार्को रूबियो ने मिडिल ईस्ट संघर्ष, अमेरिकी वीजा नियमों में बदलाव, भारतीयों पर नस्लभेदी टिप्पणी, होमुर्ज जलमार्ग के खुलने और भारत के साथ रणनीतिक संबंधों पर बात की।
ईरान से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है- मार्को रूबियो
उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर दावा किया कि आज ईरान के साथ शांति वार्ता को लेकर अच्छी खबर मिलने की संभावना है। मार्को रूबियो कहा, “मुझे लगता है कि शायद अगले कुछ घंटों में दुनिया को ईरान शांति से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।”
मार्को रूबियो ने कहा, “इस शांति समझौते से होमुर्ज जलमार्ग का समाधान होगा, जिसे ईरान ने युद्ध के बाद से ही बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता है। होमुर्ज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और वे अभी जो कर रहे हैं वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध है।”
वीजा नियमों के बदलाव में भारत नहीं है निशाना- अमेरिकी विदेश सचिव
अमेरिकी विदेश सचिव जे1, एफ1 और एच1बी वीजा नियमों में हाल में हुए बदलाव पर भारत के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है और अमेरिका इस निवेश को और बढ़ने की उम्मीद करता है।
साथ ही मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया, “अमेरिका में इमिग्रेशन सिस्टम में हो रहे बदलाव एक देश, विशेषकर भारत पर केंद्रित नहीं हैं। यह एक वैश्विक प्रक्रिया है जिसे दुनिया भर में लागू किया जा रहा है। अमेरिका इस समय अपनी इमिग्रेशन सिस्टम के आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रहा है।” उन्होंने फिर से वीजा नियमों पर बात करते हुए कहा कि इमिग्रेशन सिस्टम भारत को निशाना नहीं बना रही।
मार्को रूबियो ने कहा, जिन मुद्दों पर हम भारत के साथ मिलकर काम करते हैं, उनकी व्यापकता और दायरा इस बात की गवाही देते है कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। भारत विश्व में हमारे सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से है। इसकी शुरुआत हमारे साझा मूल्यों से होती है।
मूर्ख लोग कर रहे टिप्पणी- मार्को रूबियो
अमेरिका में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणी के बारे में सवाले पूछने पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, मैं इन टिप्पणियों को बहुत गंभीरता से लूंगा। मुझे लगता है कि ऑनलाइन और अन्य जगहों पर ऐसे लोग हैं जिन्होंने ऐसी टिप्पणी की है। दुनिया के हर देश में मूर्ख लोग होते हैं, मुझे यकीन है कि यहां भी मूर्ख लोग हैं। अमेरिका में भी मूर्ख लोग हैं, जो हर समय बेवकूफी भरी टिप्पणी कर रहते हैं।
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