इजरायल-ईरान संघर्ष को शुरू हुए सात दिन हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार तेहरान ने अजरबैजान और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। दूसरी ओर, इजरायली सेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में लेबनान में ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के 80 ठिकानों पर हमला किया गया। साथ ही ईरान के अंदर भी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट्स समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस सबके बीच कई हिस्सों से उड़ानें बंद होने से युद्ध प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए दूसरे देशों के नागरिक और उनके परिजन देश वापसी के लिए परेशान हैं।

ऐसे ही त्रिपुरा में एक ईरानी व्यापारी परेशान हैं क्योंकि उनके भाई तेहरान में हैं और उनकी मां का परिवार अफगानिस्तान में है। 24 साल के परवेज़ अली अमन ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मेरे पिता का परिवार ईरान से है।” उन्होंने बताया कि उनके भाई और उनके परिवार तेहरान में रहते हैं। इस बीच, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की खबरें उनकी चिंताओं को और बढ़ा रही हैं। अमन की मां का परिवार अफगानिस्तान से है और सीमा पार की अशांति उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने आगे कहा, “मुझे दोनों तरफ से चिंता है।”

कई ईरानी व्यापारी मेलों में भाग लेने के लिए भारत आते हैं

अमन पश्चिम एशियाई और ईरानी व्यापारियों के एक समूह का हिस्सा है जो हर सर्दियों में मेलों में भाग लेने के लिए भारत आते हैं। वह पिछले दो सालों से केसर, सूखे मेवे, इलायची और आभूषण बेच रहे हैं। दिल्ली के प्रगति मैदान से शुरू होकर लखनऊ , पुणे , कोलकाता और अब अगरतला में आयोजित प्रदर्शनियों तक जा चुके हैं। हालांकि, इस सीज़न में वह अपने होम टाउन की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

अमन को तेहरान में रहने वाले उनके भाइयों के फोन कॉल से उन्हें काफी चिंता हो रही है। उन्होंने कहा, “कल रात जो हमने सुना, उससे स्थिति अच्छी नहीं है। वे स्कूलों, अस्पतालों पर बमबारी कर रहे हैं। हम अपने परिवारों को तेहरान से, संभव हो तो ईरान से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ईरान और इज़रायल को समझौता करके इस युद्ध को रोकना चाहिए।”

सभी ईरानी शांति चाहते हैं- ईरानी व्यापारी

अमन साल 2013 से भारत में आते-जाते रहे हैं। जन्म से ईरानी होने के बावजूद उन्होंने दिल्ली में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी के साथ-साथ पश्तो, दारी और फारसी भाषाएं भी बोलते हैं। उन्होंने कहा कि भारत उनके लिए अच्छा रहा है। उन्होंने आगे कहा, “इतिहास देखें तो ईरान ने कभी भी पड़ोसी देश पर पहले हमला नहीं किया। हम कोई लड़ाई नहीं चाहते। सभी ईरानी शांति चाहते हैं। हम चाहते हैं कि अमेरिका और इज़रायल इस युद्ध को रोकें। इससे वस्तुओं और तेल की कीमतें बढ़ेंगी, हर जगह कारोबार प्रभावित होगा।”

क्षेत्र में बढ़ते संघर्षों पर विचार व्यक्त करते हुए अमन ने कहा, “बहुत अधिक हिंसा है। हम अफगानिस्तान, इराक, हर जगह शांति चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप करना चाहिए।” अमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी आग्रह किया कि वे ईरान और अफगानिस्तान की स्थिति पर अपनी आवाज उठाएं। वहीं, मेले में मौजूद अधिकांश व्यापारियों ने आधिकारिक तौर पर बोलने से इनकार कर दिया।

ईरान ने यूएई और जॉर्डन में अमेरिकी रडार सिस्टम पर किए हमले

यूएई और जॉर्डन में स्थित कई अमेरिकी सैन्य रडारों को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन द्वारा सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। यह जानकारी सैटेलाइट इमेज से सामने आयी। सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में स्थित कई अमेरिकी सैन्य रडारों को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन द्वारा सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें