ताज़ा खबर
 

सुषमा स्‍वराज और निर्मला सीतारमण ने नाम तक नहीं लिया, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने जमकर की नेहरू की तारीफ

भारत और अमेरिका ने टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के तहत पाकिस्तान को भी खूब लताड़ा। दोनों देशों ने कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल सीमापार आतंकी हमलों के लिए नहीं होने दे।

Author September 10, 2018 1:26 PM
ट्रंप प्रशासन के खास नेताओं में गिने जाने वाले मैटिस ने वार्ता के बाद नेहरू की तारीफ करते हुए बताया कि भारत और अमेरिका ने स्वतंत्रता के मौलिक सम्मान और प्यार को कैसे साझा किया है। (PTI PHOTO)

भारत और अमेरिका के बीच गुरुवार (6 सितंबर, 2018) को टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता होने के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के देश प्रति योगदान को खूब याद किया। खास बात यह है कि उनके अलावा वार्ता में मौजूद किसी नेता ने पूर्व पीएम का नाम तक नहीं लिया। ट्रंप प्रशासन के खास नेताओं में गिने जाने वाले मैटिस ने वार्ता के बाद नेहरू की तारीफ करते हुए बताया कि भारत और अमेरिका ने स्वतंत्रता के मौलिक सम्मान और प्यार को कैसे साझा किया है। उन्होंने बताया कि भारत की आजादी के महज तीन साल बाल नेहरू अमेरिका पहुंचे थे। मैटिस ने याद करते हुए आगे कहा, ‘उन्होंने (पूर्व पीएम नेहरू) कहा था कि वो ‘अमेरिका के दिमाग और दिल की खोज’ की यात्रा पर थे।’ अमेरिकी रक्षा मंत्री मेटिस ने बताया कि वह और अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल आर पोम्पियो उसी भावना को लाए थे जो नेहरू लगभग 70 साल पहले वाशिंगटन पहुंचे थे। बता दें कि उन्होंने ऐसा तब कहा जब भारतीय विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने एक बार भी नेहरू का जिक्र नहीं किया।

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के तहत पाकिस्तान को भी खूब लताड़ा। दोनों देशों ने कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल सीमापार आतंकी हमलों के लिए नहीं होने दे। साथ ही, पाकिस्तान से पूर्व में आतंकी हमलों के लिए दोषी अपराधियों के खिलाफ जल्द कानून कार्रवाई करने की मांग की गई। नई दिल्ली और वाशिंगटन ने विस्तृत हिंद-प्रशांत क्षेत्र को उन्मुक्त व खुला रखने की दिशा में एक साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जाहिर की।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षामंत्री जिम मैटिस ने यहां टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा, “मंत्रियों ने क्षेत्र में किसी प्रकार के छद्म आतंकी हमले की भर्त्सना की और इस संदर्भ में उन्होंने पाकिस्तान से यह सुनिश्चत करने को कहा कि उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों पर आतंकी हमले करने के लिए न हो।” बयान के अनुसार, मुंबई आतंकी हमला 26/11 की दसवीं बरसी से पहले उन्होंने पाकिस्तान से मुंबई, पठानकोट, उरी व अन्य जगहों पर हुए सीमापार आतंकी हमले के दोषियों को तुरंत न्याय के कटघरे में लाने की मांग की।

मंत्रियों ने 2017 में आतंकियों के नाम पर द्विपक्षीय वार्ता शुरू करने का स्वागत किया, जोकि अलकायदा, आईएसआईएस, लश्करे तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन, हक्कानी नेटवर्क, तहरीक -आई-तालिबान पाकिस्तान, डी-कंपनी और अन्य संबंधित संगठनों समेत आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करने में सहयोग को मजबूती मिलती है। (एजेंसी इनपुट सहित)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 2019 लोकसभा चुनाव: मोदी के लिए रिजर्व रखी गई है वडोदरा सीट, पार्टी बोली- यहीं से लड़ेंगे और जीतेंगे
2 Earthquake : दिल्‍ली में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके, मेरठ में था केंद्र
3 Bharat Bandh: सफल रहा कांग्रेस का भारत बंद? जानें कहां-कहां पड़ा असर