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अचानक नहीं हुआ था गलवान में खूनी संघर्ष, चीन ने साज़िश रच दिया था अंजाम- अमेरिका ने दी रिपोर्ट

भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच इस साल 14 जून को गलवान घाटी में खूनी झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे, जबकि चीन के भी कई सैनिकों की जान गई थी।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र वॉशिंगटन | December 3, 2020 11:05 AM
Borderभारत- चीन सीमा पर तैनात सुरक्षा बल। फाइल फोटेा।

भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर पिछले 8 महीनों से तनाव की स्थिति बरकरार है। सर्द-बर्फीले मौसम के बावजूद दोनों सेनाओं के बीच टकराव की स्थिति बनी है। इस बीच अमेरिकी पैनल की एक रिपोर्ट में साफ किया गया है कि जून में हुई भारत और चीनी सैनिकों की झड़प की साजिश चीन की तरफ से ही की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने टकराव में होने वाली मौतों का भी अंदाजा लगा लिया था।

यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (UCESRC) की ओर अमेरिकी संसद को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने तकरीबन 50 साल में पहली बार भारत-चीन बॉर्डर पर हिंसा भड़काई। इसमें कहा गया है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अपनी सेना को शांति के समय भी बलपूर्वक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करती है। चीन बड़े स्तर पर ताईवान और दक्षिण चीन सागर में भी युद्धाभ्यासों को अंजाम देता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, “कुछ सबूत इशारा करते हैं कि चीनी सरकार ने पहले से ही घटना की योजना तैयार कर ली थी। उदाहरण के तौर पर झड़प से कुछ समय पहले ही चीन के रक्षा मंत्री जनरल वे फेंग ने बयान में साफ किया था कि वे बीजिंग को युद्ध के लिए बढ़ावा देंगे, ताकि स्थिरता कायम की जा सके।”

गौरतलब है कि चीनी सैनिकों ने इसी साल अप्रैल में एलएसी के आसपास के इलाकों में घुसपैठ की कोशिशें शुरू कर दी थीं। मई में उसने पैंगोंग सो, गलवान घाटी और गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स में अपने अस्थायी निर्माण कर लिए थे। भारतीय सेना ने जब इस पर आपत्ति जताई तो चीन ने वापस लौटने की बात तो कही, पर गश्त के दौरान भारतीय सैनिकों को गलवान में चीनी तंबू गड़े मिले। इन्हें हटाने के दौरान ही भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच खूनी झड़प हुई थी। बताया जाता है कि कंटीले हथियारों और हाथापाई के जरिए हुई इस झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की जान गई थी, जबकि चीन के करीब 43 सैनिक हताहत हुए थे। हालांकि, चीनी सेना ने कभी अपने सैनिकों की मौत की संख्या का खुलासा नहीं किया।

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