भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार शाम को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच महत्वपूर्ण सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ एक बेहद सार्थक बैठक संपन्न हुई। हमने महत्वपूर्ण सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है।”
यह बैठक अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर चल रहे संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुई। क्योंकि ईरान में चल रहे संघर्ष की वजह से वैश्विक बाजार हिल गए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में काफी उछाल आया है। इस संघर्ष ने मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास को लेकर चिंताओं को तेज कर दिया है। अमेरिका सीधे तौर पर ईरान के साथ सैन्य और रणनीतिक उलझनों में फंसा हुआ है। मिडिल ईस्ट सुलग रहा है और अमेरिका को इस क्षेत्र में एक सुरक्षित और भरोसेमंद साथी की तलाश है, जो निकलने का रास्ता बता सके। अमेरिका इस युद्ध में अलग-थलग पड़ने से बचना चाहता है।
ऐसे में भारत, जिसके ईरान और अमेरिका दोनों के साथ ठीक संबंध है, एक अहम मध्यस्थ या ‘बैलेंसिंग पावर’ की भूमिका निभा सकता है। इतना ही नहीं, ईरान युद्ध के कारण होर्मुज और लाल सागर में जहाजों पर खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका चाहता है कि हिंद महासागर और अरब सागर में भारत नौसैन्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में उसकी मदद करे।
ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादकों में से एक है और इस युद्ध ने ग्लोबल सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे अमेरिका से लेकर यूरोप तक हर जगह महंगाई का रिकॉर्ड टूट रहा है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80% से अधिक हिस्सा आयात करता है। तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सीधा खतरा हैं। माना जा रहा है कि अजीत डोभाल ने इस मुलाकात में भारत की ऊर्जा सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से उठाया होगा। वहीं, अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भारत ऊर्जा के लिए किसी ऐसे देश की ओर न झुके जो अमेरिकी हितों के खिलाफ हो।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा करने की पृष्ठभूमि में हो रही है। जिसमें अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने छह यूक्रेनियन नागरिकों के साथ मिलकर कथित तौर पर भारत के रास्ते म्यांमार के विद्रोहियों को प्रशिक्षण दिया था।
जांचकर्ताओं का कहना है कि वैनडाइक, जिसे कोलकाता में गिरफ्तार किया गया था। पूर्व यूक्रेनी सैन्य कर्मियों के एक समूह का नेतृत्व करता था, जो ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण और अवैध सीमा पार आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए मिजोरम कॉरिडोर का इस्तेमाल करता था।
सर्जियो गोर माल्टा के एक छोटे से बंदरगाह शहर कोस्पिकुआ की तंग गलियों में पले-बढ़े। उस समय किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही लड़का एक दिन व्हाइट हाउस में बैठकर अमेरिकी नीतियां बनाने में भूमिका निभाएगा या दक्षिण एशिया जैसे अहम इलाके में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेगा। आज 38 साल की उम्र में गोर एक बड़े राजनीतिक रणनीतिकार बन चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें भारत में अमेरिकी राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए विशेष दूत के तौर पर नामित किया है। इसका मतलब है कि अब वे उस क्षेत्र को संभालेंगे जो अमेरिका की वैश्विक रणनीति के लिए बहुत अहम है। गोर की पूरी यात्रा मेहनत, महत्वाकांक्षा और राजनीति में लगातार आगे बढ़ने की कहानी है। वह एक साधारण जगह से निकलकर आज वॉशिंगटन की सत्ता के केंद्र तक पहुंच चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर।
