ताज़ा खबर
 
  • राजस्थान

    Cong+ 95
    BJP+ 80
    RLM+ 0
    OTH+ 24
  • मध्य प्रदेश

    BJP+ 105
    Cong+ 113
    BSP+ 5
    OTH+ 7
  • छत्तीसगढ़

    Cong+ 59
    BJP+ 22
    JCC+ 9
    OTH+ 0
  • तेलांगना

    TRS-AIMIM+ 87
    TDP-Cong+ 22
    BJP+ 2
    OTH+ 8
  • मिजोरम

    MNF+ 25
    Cong+ 10
    BJP+ 1
    OTH+ 4

* Total Tally Reflects Leads + Wins

सर्जिकल स्‍ट्राइक करने वाले टीम के सदस्‍य रहे जनरल ने कहा- ढिंढोरा पीटने से नहीं हुआ कोई लाभ

लेफ्ट‍िनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा कि "अगर हमने चुपचाप सर्जिकल स्‍ट्राइक की होती तो ज्‍यादा अच्‍छा होता।" उन्‍होंने कहा "अगर आप सैन्‍य ऑपरेशंस में राजनैतिक फायदे लेना शुरू कर देंगे तो यह ठीक नहीं है।"

Author December 8, 2018 2:31 PM
मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल 2018 में बोलते ले. जनरल (रिटा.) डीएस हुड्डा (दायें से दूसरे) (Express Photo by Kamleshwar Singh)

2016 सर्जिकल स्‍ट्राइक के समय उत्‍तरी सेना के कमांडर रहे लेफ्ट‍िनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा है कि स्‍ट्राइक का “ढिंढोरा” पीटने से मदद नहीं मिली। उन्‍होंने शुक्रवार को कहा कि “सैन्‍य ऑपरेशंस का राजनीतिकरण” होना “ठीक नहीं” है। चंडीगढ़ में चल रहे मिल‍िट्री लिट्रेचर फेस्टिवल के दौरान “सीमा पार ऑपरेशंस और सर्जिकल स्‍ट्राइक” पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद आरोप थे कि मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है, और ”चुनिंदा वीडियोज, फोटोग्राफ्स को लीक करके एक मिलिट्री ऑपरेशन को राजनीतिक चर्चा में बनाए रखने का प्रयास हुआ।”

ले. जनरल (रिटा.) ने कहा, ”क्‍या महिमामंडन से फायदा हुआ? मैं कहता हूं, बिल्‍कुल नहीं हुआ। अगर आप सैन्‍य ऑपरेशंस में राजनैतिक फायदे लेना शुरू कर देंगे तो यह ठीक नहीं है। (उस समय) दोनों तरफ से, बहुत सारी राजनैतिक बयानबाजी हुई। सेना के ऑपरेशंस का राजनीतिकरण होना ठीक नहीं है।” भविष्‍य के ऑपरेशंस के लिए फैसला लेने वालों की सोच पर सर्जिकल स्‍ट्राइक के प्रभाव पर पूर्व सैन्‍य कमांडर ने कहा, “यदि आप एक सफल ऑपरेशन का महिमामंडन करेंगे तो सफलता का भी एक बोझ होता है।”

पूर्व सैन्‍य अधिकारी ने कहा, “क्‍या हम अगली बार सोचेंगे कि (अगर) हमारे लोग मारे गए तो?” चूंकि इसको इतना प्रचारित किया गया है, क्‍या इसका असर नेतृत्‍व पर होगा? क्‍या होगा अगर यह (ऑपरेशन) उतना सफल न हो? इससे भविष्‍य में सावधान होना पड़ सकता है। अगर हमने चुपचाप (सर्जिकल स्‍ट्राइक) की होती तो ज्‍यादा अच्‍छा होता।”

ले. जनरल हुड्डा ने कार्यक्रम में कहा, “जब हम (सर्जिकल स्‍ट्राइक) योजना बना रहे थे तो मन में यह विचार नहीं था कि पाकिस्‍तान उरी जैसे हमले बंद कर देगा।” उन्‍होंने कहा कि 2013 के आखिरी दिनों से ही आंतकी सीमा पार कर हीरानगर, जंगलोटे, पठानकोट और उरी स्थित सैन्‍य ठिकानों पर हमला करने आते रहे हैं।

हुड्डा के अनुसार, “जुलाई 2016 के बाद, बुरहान वानी (आतंकी कमांडर) की मौत के बाद सेना पर दबाव रहा है। (उरी हमले के बाद) सेनाध्‍यक्ष आए थे और हम उरी गए। जिस कैंप पर हमला हुआ, हम उसकी राख पर चले। हमारे मन में कोई संदेह नहीं था कि अब कुछ करना होगा और एलओसी पार पाकिस्‍तान कैंपों को चोट पहुंचानी ही होगी। आप इसे बदला कह सकते हैं लेकिन हमारे हिसाब से, ऐसा होना ही था।”

उन्‍होंने कहा कि सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद, सेना ने पाया कि पाकिस्‍तान में “अच्‍छी-खासी हलचल” मची। हुड्डा ने कहा, ”उनकी छुट्टियां कैंसिल कर दी गईं। हमने रेडियो पर उनकी बातचीत पकड़ी। वो बात कर रहे थे कि हम किसी इलाके में ऐसा फिर कर सकते हैं। वो इस बात पर हैरान थे ये लोग कैसे भीतर घुसकर ऐसा ऑपरेशन कर सकते हैं।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App