ताज़ा खबर
 

सोनिया बोलीं- मोदी सरकार अहंकारी, सत्ता के नशे में चूर, फर्जी दावों और वादोंवाली: न झुके हैं न झुकेंगे!

सोनिया ने कहा, ''पिछले चार साल में कांग्रेस को तबाह करने के लिए अहंकार और सत्ता के मद में चूर सरकार ने कोई कसर बाकी नहीं रखी। साम—दाम—दंड—भेद का खुला खेल चल रहा है लेकिन सत्ता के अहंकार के आगे कांग्रेस न तो कभी झुकी है और न कभी झुकेगी।''

Author Updated: March 18, 2018 9:59 AM
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले चार साल में कांग्रेस को तबाह करने के लिए सत्ता का अहंकारी खेल खेला है।

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले चार साल में कांग्रेस को तबाह करने के लिए सत्ता का अहंकारी खेल खेला है। उन्होंने कहा कि लेकिन सत्ता के अहंकार के आगे कांग्रेस न तो कभी झुकी है और न कभी झुकेगी। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि 2014 का ”सबका साथ, सबका विकास” और ”न खाऊंगा और न खाने दूंगा” का उसका नारा दरअसल सत्ता हथियाने के लिए की गई ”राजनीतिक ड्रामेबाजी” थी। सोनिया ने कांग्रेस के 84 वें महाधिवेशन को संबोधित करते कहा, ”पिछले चार साल में कांग्रेस को तबाह करने के लिए अहंकार और सत्ता के मद में चूर सरकार ने कोई कसर बाकी नहीं रखी। साम—दाम—दंड—भेद का खुला खेल चल रहा है लेकिन सत्ता के अहंकार के आगे कांग्रेस न तो कभी झुकी है और न कभी झुकेगी।”

उन्होंने कहा, ”मोदी सरकार के तानाशाहीपूर्ण तौर-तरीकों और संविधान की उपेक्षा, उनकी अहंकारी विचारधारा, विपक्ष के खिलाफ गंभीर मुकदमे लगाना और मीडिया को सताना जैसे षड्यंत्रों का पर्दाफाश करने में कांग्रेस आगे रहकर संघर्ष कर रही है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके सहयोगियों के भ्रष्टाचार को हम सबूतों के साथ उजागर कर रहे हैं। सोनिया ने कहा, ”आप समझ रहे हैं कि 2014 के ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘ मै न खाऊंगा न खाने दूंगा’ जैसे उनके वादे सिर्फ और सिर्फ ड्रामेबाजी और वोट हथियाने की चाल थी।”

उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में नहीं है वहां पार्टी के कार्यकर्ता हर परेशानी और मुसीबत झेल कर राज्य सरकारों के अपराधों को उजागर करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है और संघर्ष करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और हमारे सामने जो चुनौतियां हैं उनका हमें डटकर मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा भारत बनाना होगा जो सत्ता के भय और मनमानी से मुक्त हो। जिसमें हर व्यक्ति के जीवन की गरिमा बनी रहे। भ्रष्टाचार मुक्त भारत। प्रतिशोध—पक्षपात मुक्त भारत। इसके लिए हर कांग्रेस जन को एक एक बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

सोनिया ने अपने संबोधन में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को निजी स्वार्थों एवं आकांक्षाओं से ऊपर उठने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह समय निजी अहं और आकांक्षाओं के बारे में सोचने का नहीं है। इस वक्त तो यह देखना है कि एक एक व्यक्ति पार्टी के लिए क्या कर सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत पूरे देश की जीत होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि कहीं आगे की सोच है। यह एक आंदोलन रहा है। आज सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस वह पार्टी बने जो एक बार फिर हमारे देश का बुनियादी एजेंडा तय करे। कांग्रेस फिर एक बार वह पार्टी बने जो हमारे विविधतापूर्ण समाज की उम्मीदों और आकांक्षाओं की नुमाइंदी करे। वह एक ऐसी पार्टी बने जो फिर से सार्वजनिक एवं राजनीतिक संवाद की सूत्रधार बने।

उन्होंने उम्मीद जतायी कि कुछ माह बाद कर्नाटक विधानसभा में हमारी पार्टी का इतना शानदार प्रदर्शन हो कि वह फिर से देश की राजनीतिक दिशा तय करे। उन्होंने कहा कि गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हमारे प्रदर्शन से पता लगता है कि जो लोग देश की राजनीति से हमारे अस्तित्व को मिटाना चाहते थे, उन्हें यह भी अंदाजा नहीं था कि लोगों के दिलों में कांग्रेस पार्टी के लिए कितना गहरा सम्मान है। सोनिया ने संप्रग सरकार के दौरान बनाये गये मनरेगा, शिक्षा का अधिकार, भोजन का अधिकार सहित विभिन्न कानूनों एवं कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर दुख और गहरा अफसोस होता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार इन कार्यक्रमों को कमजोर कर रही है। इनकी अनदेखी कर रही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 चुनाव से पहले पाला बदल कर कांग्रेस से बीजेपी में आ गए थे ये नेता, पार्टी ने सरकार बनाने के बाद दिया ये तोहफा
2 मैं मुसलमान हूं, पर पता नहीं क्यों मुझे राम से बहुत लगाव है: फारूक अब्दुल्ला
3 राहुल गांधी के नेतृत्‍व में कांग्रेस ने बदली बरसों पुरानी परंपरा, मंच की जगह सामने कुर्सी पर बैठाए गए नेता