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योगी सरकार ने 1000 रुपए रोज किया अयोध्या के रामलला का भत्ता, पुजारी का वेतन भी बढ़ा

मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का कहना है कि साल 1992 के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से वेतन बढ़ोतरी की सूचना उन्हें 5 दिन पहले ही प्राप्त हुई है।

UP govt, yogi govt, CM yogi, Ayodhya, supreme court, ayodhya case, ram mandir, head priest, ayodhya dc, caretaker priest, ram lalla, india news, Hindi news, news in Hindi, latest news, today news in Hindiयोगी सरकार ने मंदिर के अन्य स्टाफ के वेतन में भी 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की है। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अयोध्या में राम लला के वेतन में बढ़ोतरी कर दी है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर अस्थायी मंदिर के मुख्य पुजारी व 8 अन्य स्टाफ का भी वेतन बढ़ाने का फैसला लिया है।

भगवान राम के बाल रूप राम लला के वस्त्र, स्नान, प्रसाद के साथ ही मंदिर की बिजली व पानी की आपूर्ति के पर वेतन की राशि खर्च की जाएगी। अयोध्या के उपायुक्त मनोज मिश्रा के अनुसार राम लला को मिलने वाला भत्ता 26200 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। मंदिर के संरक्षक पुजारी सत्येंद्र दास को अब 13 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाएगा।

मिश्रा के अनुसार मंदिर के आठ अन्य पुजारियों के वेतन में भी 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। इन पुजारियों का वेतन 7500 से 10 हजार रुपये के बीच है। सरकार ने राम लला को लगाए जाने के लिए भोग (प्रसाद) के भत्ते में 800 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास को 1992 में 150 रुपये प्रतिमाह की राशि मिलती थी। साल 2017 तक उन्हें 8480 रुपये प्रति महीना दिया जा रहा था। दास का कहना है कि साल 1992 के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से वेतन बढ़ोतरी की सूचना उन्हें 5 दिन पहले ही प्राप्त हुई है।

मुख्य पुजारी ने कहा कि हमने इस साल जुलाई में सरकार से पूजा के सामान और दैनिक खर्च की राशि में बढ़ोतरी की मांग की थी। अयोध्या के उपायुक्त मनोज मिश्रा ने कहा कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर से जुड़ी सुनवाई को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केस में यथा स्थिति से छेड़छाड़ किए बगैर जो हम कर सकते थे, वह किया गया है। मालूम हो कि साल 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अस्थायी मंदिर परिसर और राम लला की देखभाल के लिए एक केयरटेकर पुजारी की नियुक्ति की थी।

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